ब्लैकमेलिंग के आरोपी जीतू सोनी के ठिकानों पर छापेमारी, 69 महिलाएं मिलीं

विशेष संवाददाता

इंदौर । इंदौर हनी ट्रैप का खुलासा करने वाले अखबार के मालिक के एक बार से 67 महिलाएं और 7 बच्चों को छुड़ाया गया है. उसके सभी प्रतिष्ठानों और दफ्तर पर कार्रवाई के बाद अखबार के दफ्तर को सील कर दिया गया है. हालांकि जीतू अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए 6 टीमें गठित करने के अलावा उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
इंदौर पुलिस ने जीतेंद्र सोनी उर्फ जीतू सोनी को पकड़ने के लिए 6 टीम बनाई है. जीतू सोनी उसी अखबार सांझा लोकस्वामी के मालिक हैं जिन्होंने करीब 2 हफ्ते पहले उन 5 महिलाओं के बीच हुई टेलीफोनिक बातचीत का खुलासा किया जो 18 सितंबर को भोपाल और इंदौर में हनीट्रैप मामले में पकड़ी गई थीं।
साथ ही अखबार ने बिना किसी हिचक के एक पूर्व मंत्री और एक पूर्व नौकरशाह का सेक्स वीडियो जारी किया था. वह पूर्व नौकरशाह पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रिंसिपल सेक्रेटरी रहे थे. सोनी के पास हनीट्रैप गैंग की ओर से अधिकारियों और नेताओं को ब्लैकमेल करने से संबंधित 6 वीडियो हैं.पुलिस ने शनिवार रात जीतू सोनी से जुड़े उसके 4 लोकेशनों होटल, डांस बार, आवास और अखबार के ऑफिस पर छापे मारे थे।
पुलिस उस समय हरकत में आई जब इंदौर के एक इंजीनियर हरभजन सिंह ने हनी ट्रैप गैंग की ओर से लगातार ब्लैकमेल किए जाने की शिकायत की. साथ ही इंजीनियर ने यह भी शिकायत दर्ज कराई कि अखबार उनकी आपत्तिजनक तस्वीरों को प्रकाशित करके और सोशल मीडिया पर उनके वीडियो जारी करके उनकी गोपनीयता का उल्लंघन कर रहा है।
करीब 12 घंटे तक चली छापेमारी में पुलिस ने उनके घर से 36 जिंदा कारतूस और छह इस्तेमाल किए गए कारतूसों के अलावा डांस बार से 67 महिलाओं और 7 बच्चों को छुड़ाया था।
छापे के बाद एसएसपी ने कहा कि इंदौर के अखबार सांझा लोकस्वामी के मालिक जीतू सोनी जो ‘माई होम’ नाम से एक बार चलाते हैं और इस बार से 67 महिला-लड़कियां और 7 नाबालिग बच्चों को छुड़ाया गया. ग्राहकों को लुभाने के लिए इन्हें रखा गया था और ग्राहकों की ओर से दिए जाने वाले टिप्स के जरिए ही इनका भुगतान होता था।
इंदौर की एसएसपी रुचिवर्धन मिश्रा ने रविवार को बताया था कि छुड़ाई गई 67 महिलाओं को डांस बार के टॉप फ्लोर पर बेहद छोटे कमरे में रखा गया था. ये महिलाएं पश्चिम बंगाल और असल से आई थीं और उन्हें होटल से बाहर जाने की इजाजत नहीं थी. उन्हें साल में सिर्फ एक बार घर जाने की अनुमति थी, उन्हें अश्लील डांस करने को मजबूर किया जाता था.छापे के बाद एसएसपी रुचिवर्धन ने कहा कि इन लोगों को न तो सैलरी मिलती थी और न ही इनका कोई पीपीएफ एकाउंट ही था।
उन्होंने बताया कि जीतू सोनी (जीतेंद्र सोनी), उसके बेटे अमित सोनी और अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 370 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है. इन लोगों के खिलाफ हनीट्रैप मामले में आईटी कानून के तहत भी मामला दर्ज किया गया है. जीतू का बेटा अमित सोनी बार का मैनेजर है।
एसएसपी रुचिवर्धन ने कहा कि जीतू सोनी के घर से बरामद किए गए जिंदा और इस्तेमाल किए गए कारतूस उस बंदूक की नहीं हैं, जिसके लिए उनके पास लाइसेंस है, इसलिए उन पर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
राज्य के डीजीपी वीके सिंह ने इंडिया टुडे से बात करते हुए कहा कि जीतू सोनी के खिलाफ कार्रवाई कानून के अनुसार थी. इस बात का कोई मतलब नहीं है कि आप कितने शक्तिशाली हैं, अगर आप कुछ भी अवैध करते हैं तो आपके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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