मिस्र में नील नदी पर खड़े क्रूज़ में 45 लोगों में कोरोना वायरस का संक्रमण, 17 भारतीय फंसे

एजेंसी

मिस्र में लक्सर के पास नील  नदी  के किनारे खड़े एक क्रूज़ को कोरोना वायरस की वजह से क्वारेंटाइन कर दिया गया है. इस क्रूज़ में 150 टूरिस्ट सवार हैं जिसमें 17 भारतीय भी शामिल हैं. क्रूज़ पर सवार 45 लोगों में कोरोना वायरस पॉज़िटिव पाया गया है जिसमें 33 यात्री और 12 क्रू सदस्य शामिल हैं. 14 दिनों तक टूरिस्ट और क्रू सदस्यों को निगरानी में रखा गया है.

जापान के योकोहामा तट पर क्वारेंटाइन किए गए डायमंड प्रिंसेस क्रूज़ की ही तरह इस शिप को भी उस वक्त क्वारेंटाइन करना पड़ा जब क्रूज़ पर सवार रहे ताइवान के एक अमेरिकी महिला यात्री में कोरोना वायरस पॉज़िटिव पाया गया. इस महिला यात्री ने ताइवान लौटने के बाद जब अपना कोरोना वायरस टेस्ट कराया तो संक्रमण की पुष्टि हुई जिसके बाद WHO ने मिस्र के अधिकारियों को इस बात की जानकारी दी.

‘ए सारा’ नाम का ये शिप नील नदी पर यात्रा पर निकला था. लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण की खबर मिलने के बाद इसे लक्ज़र के तट पर रोक दिया गया. क्रूज़ पर 17 भारतीय भी सवार हैं जो कि तमिलनाडु से एक टूर पैकेज पर मिस्र गए थे. इन सभी भारतीय यात्रियों को भी निगरानी में रखा गया है.

18 भारतीयों का दल 27 फरवरी को मिस्र की यात्रा पर रवाना हुआ था जिसे 7 मार्च को वापस लौटना था. लेकिन 6 मार्च को जब क्रूज़ पर टूरिस्ट और क्रू मेम्बर का कोरोना वायरस टेस्ट हुआ तो 33 यात्रियों और 12 क्रू सदस्यों में इसका सैंपल पॉज़िटिव पाने से हड़कंप मच गया. चेन्नई के एक भारतीय इंजीनियर को अस्पताल मे भर्ती कराया गया है जबकि उसकी पत्नी को क्रूज़ पर ही निगरानी में रखा गया है.

शनिवार से शुरू हुए क्वारेंटाइन पीरियड की वजह से क्रूज़ पर अफरा-तफरी का माहौल था. किचन को सेनिटाइज़ करने की वजह से यात्रियों के खाने-पीने का कोई इंतज़ाम नहीं था और लोग खाली पेट रहने को मजबूर रहे क्योंकि किचन स्टॉफ के कुछ लोगों के बीमार होने की भी खबर है. हालांकि रविवार रात से टूरिस्ट को खाने पीने का सामान मिल सका.

मिस्र की अर्थव्यवस्था में पर्यटन एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है और विदेशी मुद्रा का एक महत्वपूर्ण स्रोत है. ऐसे में मिस्र के क्रूज़ पर कोरोना वायरस का संक्रमण उसके लिए बड़ा झटका है. क्योंकि मिस्र सरकार ने क्रूज़ के पहले देश में केवल 3 ही कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले की पुष्टि की थी जिसमें एक के पूरी तरह ठीक हो जाने का दावा किया गया था.

लेकिन इस वक्त सबसे ज्यादा मुश्किल में वो भारतीय हैं जो कि 14 दिनों के क्वारेंटाइन पीरियड की वजह से संक्रमित जहाज में फंस गए हैं. इन भारतीयों पर संक्रमण का खतरा लगातार मंडरा रहा है. हालांकि इनके परिवारवालों और टूर ऑपरेटर ने काहिरा में मौजूद भारतीय दूतावास से मदद मांगी है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *