Sat. Feb 27th, 2021

नई दिल्ली ।किसान आंदोलन पर राज्‍यसभा में चर्चा के दौरान अपने ‘खून की खेती’ वाले बयान पर सफाई देते हुए कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि इसे लेकर किसी को उत्‍तेजित होने की आवश्‍यकता नहीं हैं, मैंने भी उत्‍तेजना में यह नहीं कहा था, मैं तो कांग्रेस के दस्तावेज का ही जिक्र कर रहा था जिसमें उसने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर ख़ून की खेती करने का आरोप लगाया था। हालांकि कृषि मंत्री के खून की खेती वाले बयान को बाद में राज्यसभा की कार्यवाही से हटा दिया गया।
कृषि मंत्री ने तोमर ने राज्‍यसभा में चर्चा के दौरान कहा था कि ‘खेती के लिए पानी की जरूरत होती है। खून की खेती तो बस कांग्रेस करती है, ये बीजेपी नहीं करती।’ इस पर कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने तीखी प्रतिक्रिेया दी थी।
तोमर ने कहा कि सरकार किसान संगठनों से बातचीत के लिए हरदम तैयार है और पीएम नरेंद्र मोदी इस संबंध में भी अपनी ओर से प्रस्ताव दे चुके हैं। उन्‍होंने कहा कि किसानों के साथ हमारी बातचीत काफी दिनों तक चली है। सरकार की ओर से किया गया प्रस्‍ताव अभी भी किसानों के पास है और वे आपस में इस पर चर्चा कर रहे हैं। कुछ समय बाद ऐसी परिस्थिति आएगी जब उनका प्रस्‍ताव आए तब हम दोनों पक्ष फिर मिलकर चर्चा करेंगे। कृषि मंत्री ने कहा कि मुझे विश्‍वास है कि दोनों पक्ष मिलकर समाधान तलाश लेंगे।
राज्‍यसभा में सोमवार को पीएम नरेंद्र मोदी इस बारे में जवाब देने वाले है, क्‍या उनकी ओर से रखे गए प्रस्‍ताव पर किसानों को रिएक्‍ट करना चहिए, इस सवाल पर कृषि मंत्री ने कहा कि पिछले छह वर्ष में किसानों और कृषि के लिए जो प्रयास किए हैं वे पहले कभी नहीं हुए। किसानों की आमदनी को दोगुनी करने के लिए प्रयास किए गए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *