Sat. Feb 27th, 2021

नई दिल्ली । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि वह पश्चिम बंगाल यात्रा के दौरान गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर की कुर्सी पर नहीं बैठे थे। उन्होंने कहा कि इस बारे में सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी द्वारा सोमवार को की गयी टिप्पणी सत्य नहीं है जिसे रिकॉर्ड से निकाल देना चाहिए। शाह ने कहा कि कल (सोमवार) कांग्रेस के नेता (अधीर रंजन चौधरी) ने कहा था कि ‘‘मैं पश्चिम बंगाल में गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर की कुर्सी पर बैठ गया।’गृह मंत्री ने कहा, ‘‘मैं उस वक्त टोकना नहीं चाहता था, लेकिन जो सत्य नहीं है सदन के रिकॉर्ड में नहीं रहना चाहिए।” शाह ने कहा कि उनके पास विश्व भारती के उप कुलपति का पत्र है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया है कि ऐसी घटना नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वहां एक खिड़की है जहां पर सभी के बैठने की व्यवस्था है, वहां की तस्वीर है। उस स्थान पर भारत की पूर्व राष्ट्रपति बैठी हैं, प्रणब मुखर्जी बैठ चुके हैं, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी बैठे थे। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री भी वहां बैठी थीं।
गृहमंत्री ने कहा कि कोई बात कहने से पहले तथ्यों को जांचना चाहिए और सोशल मीडिया की बातों का बिना पड़ताल के उल्लेख नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मैं इसमें इनका दोष नहीं देखता, उनकी पार्टी की जैसी पृष्ठभूमि है, उसके कारण इनसे गलती हो गई।”उन्होंने कहा कि मैं तो उस कुर्सी पर नहीं बैठा लेकिन मेरे पास दो फोटो हैं, जिनमें से एक में जवाहर लाल नेहरू उस कुर्सी पर बैठे हैं, जहां टैगोर बैठा करते थे। दूसरा फोटो राजीव गांधी का है, जिसमें वह टैगोर साहब के सोफे पर बैठे हैं। ज्ञात रहे कि चौधरी ने कहा था कि अमित शाह जी जाकर रवींद्र नाथ टैगोर जी की कुर्सी पर बैठ जाते हैं। इससे असम्मान होता है।

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