Tue. Feb 23rd, 2021

-किसान आंदोलन स्थल पर बनेगा भव्य स्मारक, निर्माण में देश-विदेश के पानी-मिट्टी का होगा इस्तेमाल
-किसान क्रांति स्मारक के लिए बनवाया जाएगा नक्शा
आचार्य प्रमोद कृष्णम् समेत 11 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल राकेश टिकैत से मिला
नई दिल्ली (ईएमएस)। कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के आंदोलन को को संत समाज का भी समर्थन मिल गया है। कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम के नेतृत्व में काशी सुमेरु पीठ के जगत गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती के साथ देश के प्रमुख संतो का 11 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल गाजीपुर बॉर्डर पहुंचा। इस दौरान उन्होंने भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत को समर्थन पत्र दिया और केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की अपील की।
स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि करीब ढ़ाई माह से किसान प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सरकार को तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना चाहिए। इन कानूनों से किसानों को काफी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी की घटना किसानों को बदनाम करने की एक साजिश थी। केंद्र सरकार सबका साथ और सबका विकास की बात करती है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि हक की इस लड़ाई में संत समाज किसानों के साथ है। अन्नदाताओं की हर संभव मदद की जाएगी। किसान नेता राकेश टिकैत को समर्थन पत्र देते हुए किसानों ने उनपर पुष्प वर्षा करके उनका सम्मान भी किया। इस दौरान राकेश टिकैत ने यूपी गेट पर आंदोलन स्थल पर एक विशाल स्मारक बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस स्मारक को बनाने के लिए देश-विदेश से लेकर आए गए जल को चिनाई में शामिल किया जाएगा। साथ ही अलग-अलग जगह की मिट्टी का इस्तेमाल किया जाएगा।
-सिंघु बॉर्डर पर एक और किसान की मौत
कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे एक और किसान की मंगलवार सुबह मौत हो गई। वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है। घटना दिल्ली-हरियाणा के बीच स्थित सिंघु बॉर्डर की है। मृतक का नाम हरिंदर और उम्र करीब 50 साल थी। वे पानीपत जिले के सेवा गांव के रहने वाले थे।
-सिद्धू गिरफ्तार, 7 दिन की रिमांड पर
लाल किला हिंसा के मुख्य आरोपी दीप सिद्धू को मंगलवार को तीस हजारी कोर्ट में पेश किया गया, जहां पुलिस की ओर से 10 दिन की रिमांड मांगी गई। हालांकि कोर्ट ने दीप सिद्धू को 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पेशी को लेकर तीस हजारी कोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम रहे। पेशी के दौरान कोर्ट ने पुलिस को कुछ समय के लिए कड़ी पूछताछ करने की अनुमति भी दी ताकि पुलिस ये बता सके कि उसे पुलिस हिरासत की जरूरत है। इस दौरान दीप सिद्दू से पूछा गया कि लाल किले तक पहुंचने के लिए लोगों को कैसे बुलाया गया था, योजना कैसे बनाई गई? उसके मोबाइल नंबर के बारे में भी पूछताछ हुई। बता दें कि करीब 15 दिन की फरारी काटने के बाद दीप सिद्धू को मंगलवार तड़के पंजाब के जिकरपुर से गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, दीप की पत्नी और परिवार पूर्णिया में है। दीप सिद्धू भी वहीं जाने में की फिराक में था। क्राइम ब्रांच की पूछताछ में दीप सिद्धू ने कई बड़े खुलासे किए हैं।
-आज किसानों के मुद्दे पर बोल सकते हैं मोदी
सूत्रों के मुताबिक, मोदी बुधवार को लोकसभा में भी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश कर सकते हैं। इस दौरान वे एक बार फिर किसानों के आंदोलन और कृषि कानूनों पर बोल सकते हैं। मोदी ने सोमवार को राज्यसभा में किसान आंदोलन पर भी बात की थी। उन्होंने कहा था कि किसानों को बातचीत के लिए आगे आना चाहिए।
-किसान फिर बातचीत को तैयार
राज्यसभा में मोदी की स्पीच के कुछ घंटे बाद संयुक्त किसान मोर्चे के सदस्य शिव कुमार कक्का ने कहा था कि वे अगले दौर की बातचीत के लिए तैयार हैं, सरकार उन्हें मीटिंग का दिन और समय बता दे। हालांकि, कक्का ने कहा था कि लोकतंत्र में आंदोलन की अहम भूमिका होती है। लोगों को सरकार की गलत नीतियों का विरोध करने का अधिकार है।

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