Wed. Jun 23rd, 2021

नई दिल्ली। कोरोना काल में देश में लगातार बैंकिंग फ्रॉड के मामले बढ़ रहे हैं। इसकी एक बड़ी वजह इस दौरान इंटरनेट का बढ़ता इस्तेमाल भी है। इन दिनों जहां एक ओर हर चीज ऑनलाइन होती जा रही है, वहीं दूसरी ओर साइबर अपराधी भी इनके माध्यम से फ्रॉड करने की कोशिश कर रहे हैं। गृह मंत्रालय ने साइबर दोस्त नाम के अपने ट्विटर हैंडल के जरिए लोगों को इस नए तरीके के प्रति सचेत किया गया है।
गृह मंत्रालय ने ट्वीट किया साइबर अपराधी केवाईसी का झांसा देकर लोगों अपने जाल में फंसा रहे हैं। ग्राहक केवाईसी/रिमोट एक्सेस ऐप फ्रॉड से सावधान रहें। आजकल फ्रॉड करने वाले कॉल या एसएमएस कर लोगों को केवाईसी कराने के नाम पर ठगी कर रहे हैं। इस तरह वह लोगों से उनकी पर्सनल डिटेल हासिल कर अपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। मंत्रालय ने लोगों को सचेत किया है कि वे इस तरह की कोई गलती न करें। साथ ही कहा है कि आपके पास आने वाले किसी भी कॉल, मैसेज या ई मेल पर आने वाले किसी भी लिंक को क्लिक न करें।
अगर आपको केवाईसी के लिए कोई आए फोन या एसएमएस आए तो तुरंत सावधान हो जाएं। अगर आपको कोई भी एसएमएस आता है जिसमें कहा गया हो कि केवाईसी नहीं होने की वजह से आपका बैंक अकाउंट बंद हो जाएगा। इस स्थिति में सबसे पहले बैंक के ऑफिशियल नंबर पर संपर्क कर इस बारे में पता करें। इसके अलावा किसी भी तरह की निजी जानकारी फोन पर न दें।इसके अलावा किसी भी ऐप जैसे एनीडेस्क या टीम वीवर को अपने फोन में डाउनलोड करने से बचें। अगर ऐसे ऐप से आप अपने डिवाइस का रिमोट एक्सेस देते हैं, जिससे धोखेबाज आपके पिन, ओटीपी, बैंक खाते के विवरण आदि को जान सकते हैं और आप वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं। सरकार की ओर से समय समय पर फेक मैसेज के बारे में अलर्ट जारी किया जाता है। इसके साथ ही आपको किसी अनजान नंबर से आए मैसेज पर भरोसा नहीं करना चाहिए और ऐसे मैसेज को फॉरवर्ड करने से बचना चाहिए। जिससे कोई ओर यूजर फ्रॉड का शिकार न हो।

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