लोकसभा चुनाव 2019 के लिये बज गई रणभेरी

07 चरणों में होगा मतदान,
11 अप्रैल को पहला चरण, 19 मई को आखिरी चरण
23 मई को मतगणना

नई दिल्ली। कार्यालय संवाददाता
लोकसभा चुनाव 2019 के लिये आखिरकार तारीखों का ऐलान हो गई। चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने रविवार को प्रेस वार्ता कर तारीखों की जानकारी दी। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। लोकसभा चुनाव के साथ ही आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम विधानसभा चुनावों का ऐलान किया गया। सुनील अरोड़ा ने लोकसभा चुनाव के बारे में बताया कि इस बार चुनाव 7 चरणों में चुनाव होंगे। पहले चरण का मतदान 11 अप्रैल, दूसरे चरण 18 अप्रैल, तीसरा चरण 23 अप्रैल, चैथा चरण 29 अप्रैल, पांचवा चरण 6 मई, छठा चरण 12 मई और सातवां और अंतिम चरण का मतदान 19 मई को होगा। 23 मई को मतगणना होगी। गौरतलब है कि केंद्र सरकार का कार्यकाल 3 जून 2019 को खत्म हो रहा है।
पहले चरण में 20 राज्यों की 91 सीटों पर मतदान होगा। दूसरे चरण में 13 राज्यों की 97 सीटें, तीसरे चरण में 14 राज्यों की 115 सीटें, चोथे चरण में 9 राज्यों की 71 सीटें, पांचवे चरण में 7 राज्यों की 51 सीटें, छठे चरण में 7 राज्यों की 59 सीटें और सातवें चरण में 8 राज्यों की 59 सीटों पर चुनाव होगा।
11 अप्रैल को आंध्र प्रदेश, अरुणाचल, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल, केरल, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, पंजाब, सिक्किम, तेलंगाना, तमिलनाडु, उत्तराखंड, अंडमान, दादरा-नागर हवेली, दमन-दीव, लक्षदीप, दिल्ली, पांडिचेरी में मतदान होंगे। कर्नाटक, मणिपुर, राजस्थान, त्रिपुरा में दो चरणों में मतदान होंगे। असम और छत्तीसगढ़ में तीन चरणों में चुनाव होंगे। झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और ओडिशा में चार चरणों में मतदान होगा। जम्मू कश्मीर में पांच चरणों, जबकि बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में सात चरणों में चुनाव होंगे।
पहले चरण में 11 अप्रैल को आंध्र प्रदेश की 25, असम की पांच, बिहार की चार, छत्तीसगढ़ की एक, जम्मू कश्मीर की दो, महाराष्ट्र की सात, मणिपुर की दो, मेघालय की दो, नगालैंड की एक, मिजोरम की एक, तेलंगाना की 17, उत्तर प्रदेश की आठ, उत्तराखंड की पांच, पश्चिम बंगाल की दो सीटों पर मतदान होगा। दूसरे चरण में 18 अप्रैल को असम की पांच, बिहार की पांच, छत्तीसगढ़ की तीन, जम्मू कश्मीर की दो, कर्नाटक की 14, महाराष्ट्र की 10, मणिपुर की एक, ओडिशा की पांच, तमिलनाडु की 39, उत्तर प्रदेश की 8, पश्चिम बंगाल की तीन और पुदुच्चेरी की एक सीट पर वोट डाले जाएंगे। तीसरे चरण में 23 अप्रैल को असम की चार, बिहार की पांच, छत्तीसगढ़ की सात, गुजरात की 26, गोवा की दो, जम्मू कश्मीर की एक, कर्नाटक की 14, केरल की 20, महाराष्ट्र की 14, ओडिशा की छह, उत्तर प्रदेश की 10, पश्चिम बंगाल की पांच, दादरा एवं नगर हवेली की एक, दमन व दीव की एक सीट पर वोटिंग होगी। चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा, परीक्षा, त्योहारों और कटाई के मौसम को ध्यान में रखकर चुनाव की तारीख पर फैसला किया गया है।

उम्मीदवार की फोटो देखकर मतदान
इस बार चुनाव में ईवीएम में प्रत्याशी की तस्वीर होगी। मतदान केंद्रों पर इस बार वीवीपीएटी का इस्तेमाल होगा। मतदाता वोट करने के बाद पर्ची में यह देख पायेगा कि उसने जिसे वोट किया है मत उसे ही पहुंचा या नहीं?

अपना नाम ऐसे जुड़वाएं
1590 पर फोन कर और एसएमएस के जरिए वोटर, वोटिंग लिस्ट में अपना नाम चेक कर सकते हैं। 1950 पर कॉल कर जानकारी ली जा सकती है।

सख्त सुरक्षा के बीच मतदान
संवेदनशील जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे और वेबकास्टिंग होगी। सभी बड़ी घटनाओं की वीडियोग्राफी की जाएगी। आयोग ने कहा कि उम्मीदवारों को अपने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी देनी होगी। चुनाव में ईवीएम की जीपीएस ट्रैकिंग भी की जाएगी। संवेदनशील इलाकों में सीआरपीएफ की तैनाती भी की जाएगी।

सोशल मीडिया प्रचार के लिए मजंूरी जरूरी
सोशल मीडिया पर प्रचार करने के पहले भी राजनीतिक पार्टियों को इजाजत लेनी होगी. साथ ही सोशल मीडिया पर प्रचार का खर्च भी चुनाव के खर्च में जुड़ेगा।

आम आदमी कर सकता है शिकायत
आम आदमी भी आचार संहिता के उल्लंधन की जानकारी एक एंड्रॉयड एप के जरिए दे सकता है। शिकायतकर्ता की पहचान उजागर नहीं की जाएगी और इस पर जांच कर एक्शन लिया जाएगा।

चार राज्यों में विधानसभा चुनाव भी होंगे
लोकसभा चुनाव के साथ ही चार राज्य ओडिशा, आंध प्रदेश, सिक्किम और अरुणाचल में विधानसभा के लिए मतदान भी होगा। चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा- ओडिशा में 11 अप्रैल से 29 अप्रैल के बीच चार चरणों में लोकसभा के साथ ही विधानसभा के चुनाव भी कराए जाएंगे।

ओडिशा
ओडिशा में 11, 18, 23 और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। बता दें कि ओडिशा की 147 विधानसभा सीटों के लिए चुनावों में मुख्य मुकाबला सत्तारुढ़ बीजू जनता दल, बीजेपी और कांग्रेस के बीच होगा। ओडिशा का कार्यकाल 11 जून को खत्म हो रहा।

आंध्र प्रदेश
आंध्र प्रदेश में भी 175 विधानसभा सीटों पर लोकसभा चुनाव के साथ ही पहले चरण में 11 अप्रैल को मतदान किया जाएगा। आंध्र प्रदेश के विधानसभा चुनाव में तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) और वाईएसआर कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर के संकेत मिल रहे हैं। आंध्र प्रदेश का कार्यकाल 18 जून को खत्म हो रहा।

सिक्किम
सिक्किम में भी 11 अप्रैल को ही लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव की भी वोटिंग होगी। सिक्किम की 32 विधानसभा सीटों के लिए 11 अप्रैल को लोकसभा की एक सीट के साथ ही वोट पड़ेंगे। इस वक्त राज्य में मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग की अगुवाई में सत्तारूढ़ सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट(एसडीएफ) एक बार फिर राज्य में वापसी की कोशिशों में लगी है। राज्य के सीएम पवन कुमार चामलिंग पांच बार यहां के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और छठी बार मैदान में ताल ठोक रहे हैं। वे सबसे ज्यादा समय तक देश के मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड रखते हैं। सिक्किम विधानसभा का कार्यकाल 27 मई को खत्म हो रहा।

अरुणाचल
अरुणाचल प्रदेश की 60 विधानसभा सीटों पर 11 अप्रैल को चुनाव होंगे। गौरतलब है कि 7 चरणों में होने वाले लोकसभा चुनावों की शुरुआत 11 अप्रैल से होनी है। सातवें चरण का चुनाव 19 मई को होगा। वहीं सभी चरणों के परिणामों की घोषणा 23 मई को की जाएगी। अरुणाचल प्रदेश की विधानसभा का कार्यकाल जून के पहले सप्ताह में पूरा हो रहा है।

2014 के चुनाव को जानें
2014 के लोकसभा चुनाव का ऐलान 5 मार्च 2014 को किया गया था। मतदान 7 अप्रैल को शुरू होकर नौ चरणों में 12 मई को ख़त्म हुए थे। 16 मई को नतीजों में भारतीय जनता पार्टी को बहुमत हासिल हुआ था और दूसरे सहयोगी दलों के साथ एनडीए की सरकार बनी। भाजपा को इन चुनाव में 282 सीटें मिली थीं।

लोकसभा
अधिकतम सीटें 552
वर्तमान सीटें 545
मतदान से 543
राष्ट्रपति नामित 02

सीटों का आरक्षण
आरक्षित सीटें 131
अनुसूचित जाति 84
अनुसूचित जनजाति 47

272 सीटों पर सरकार
272 सीटें हासिल करने पर ही कोई दल सरकार बना सकता है। बहुमत से कुछ सीटें कम भी पड़ जाएं तो दूसरे दलों के साथ गठबंधन करके भी सरकार बनाई जा सकती है। राजनीतिक दलों का गठबंधन चुनाव से पहले भी हो सकता है और नतीजों के बाद भी।

कौन बनता है विपक्ष
लोकसभा में विपक्ष के नेता का पद लेने के लिए विपक्षी पार्टी के पास कम से कम ुकुल सीटों की 10 फीसदी संख्या होनी चाहिए यानी 55 सीटे। 2014 के आम चुनाव में मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस को सिर्फ 44 सीटें ही मिल पाई थीं।

2014 में किसे कितनी सीटें
भाजपा 282 (वर्तमान में 268 सदस्य ही लोकसभा में रह गए)
कांग्रेस 44
एनडीए (भाजपा नेतृत्व वाला गठबंधन) 336
यूपीए (कांग्रेस नेतृत्व वाला गठबंधन) 60

चुनाव आचार संहिता
लोकसभा चुनाव 2019 का कार्यक्रम घोषित करते ही देश में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है। देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग के बनाए गए नियमों को ही आचार संहिता कहते हैं। राज्यों और केंद्र सरकार के कर्मचारी चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक चुनाव आयोग के कर्मचारी की तरह काम करते हैं। आचार संहिता लागू होने के बाद सार्वजनिक धन का इस्तेमाल किसी ऐसे आयोजन में नहीं किया जा सकता जिससे किसी विशेष दल को फायदा पहुंचता हों।
सरकारी गाड़ी, सरकारी विमान या सरकारी बंगला का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जा सकता है। आचार संहिता लगने के बाद सभी तरह की सरकारी घोषणाएं, लोकार्पण, शिलान्यास या भूमिपूजन के कार्यक्रम नहीं किए जा सकते हैं।
किसी भी पार्टी, प्रत्याशी या समर्थकों को रैली या जुलूस निकालने या चुनावी सभा करने की पूर्व अनुमति पुलिस से लेना अनिवार्य होता है.। राजनीतिक कार्यक्रमों पर नजर रखने के लिए चुनाव आयोग पर्यवेक्षक भी नियुक्त करता है। कोई भी राजनीतिक दल जाति या धर्म के आधार पर मतदाताओं से वोट नहीं मांग सकता है।
ऐसा करने पर चुनाव आयोग दंडात्मक कार्रवाई भी कर सकता है। यदि कोई प्रत्याशी या राजनीतिक दल आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करता है तो चुनाव आयोग नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है। उम्मीदवार को चुनाव लडने से रोका जा सकता है. जरूरी होने पर आपराधिक मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है।
आचार संहिता के उल्लंघन में जेल जाने तक के प्रावधान भी हैं।

60 हजार करोड़ रुपए का हो सकता है चुनाव
अमेरिका के चुनाव प्रचार को भी पछाड़ सकता है भारत
कारनीज एंडोमेंट फोर इंटरनेशनल पीस थिंकटैंक में सीनियर फेलो और दक्षिण एशिया कार्यक्रम के निदेशक मिलन वैष्णव के मुताबिक 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव और कांग्रेस चुनावों में 46,211 करोड़ रुपए (650 करोड़ डॉलर) खर्च हुए थे। अगर भारत में 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में 35,547 करोड़ रुपए (500 करोड़ डॉलर) खर्च हुए थे तो 2019 के चुनाव में अमेरिकी चुनावों में खर्च का आंकड़ा आसानी से पार हो सकता है। अगर ऐसा हुआ तो यह दुनिया का सबसे खर्चीला चुनाव साबित होगा। सीएमएस के एन भास्कर राव के मुताबिक खर्च की दर अगर यही रही तो 2019 के लोकसभा चुनाव में 50,000 से 60,000 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। पिछले लोकसभा चुनाव में 35,000 करोड़ रुपया खर्च हुआ था।

पहली बार मतदान करेंगे
21वीं सदी में जन्मे लोग पहली बार मतदान कर सकेंगे। 2014 में हुए आम चुनाव के दौरान इस सदी में जन्मे लोगों की आयु 18 वर्ष नहीं थी, अब इस चुनाव में वे पहली बार देश की सरकार चुनने के लिए वोट डाल सकेंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि दुनिया में करीब 40 लोकतांत्रिक देश हैं, लेकिन पारदर्शिता के मामले में भारत अव्वल देशों में से एक है।

खबर एक नजर में 
17वीं लोकसभा का होगा गठन
90 करोड़ मतदाता
8 करोड़ 43 लाख नए मतदाता वोट करेंगे
1.5 करोड़ मतदाता पहली बार करेंगे मतदान(18 से 19 वर्ष)
10 लाख बूथों पर वोट डाले जाएंगे
-जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव आम चुनाव के साथ नहीं होगा
-ईवीएम मशीनों को जीपीएस से टै्रक किया जाएगा

49,922 सबसे कम वोटर लक्षद्वीप में
31,83,325 सर्वाधिक मतदाता मल्काजगिरी में

मैं राजनीतिक पार्टी और सभी उम्मीदवारों को 2019 लोकसभा चुनाव के लिए शुभकामनाएं देता हूं। हम अलग-अलग पार्टियों से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन हमारा उद्देश्य भारत का विकास और उन्नति है।
– नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

मोदी का विदाई पर्व शुरू : कांग्रेस
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने चुनाव तारीखों के ऐलान को लेकर कहा, यह मोदी जी की विदाई पार्टी का पहला दिन है। मतदाता तैयार हैं। किसान, बेरोजगार युवा और छोटे कारोबारी, ये सभी लोग इस दिन का इंतजार कर रहे थे। हम नहीं जानते कि मोदी जी ने इसमें देरी क्यों की। शायद वह कांग्रेस के शासन में शुरू हुई परियोजनाओं का फीता काटना चाहते थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *