Sat. Feb 27th, 2021

विशेष प्रतिनिधि

नई दिल्ली । साल 2025 तक भारत और पाकिस्तान के पास परमाणु बमों की ताकत और अभी अधिक हो चुकी होगी। दोनों देश जिस तरह आगे बढ़ रहे हैं,उसके बाद दोनों देशों में भयंकर परमाणु युद्ध छिड़ सकता है। यदि जंग होती हैं तब 10 करोड़ लोगों की जान जाएगी। ये दावा अमेरिका की रटगर्स विश्वविद्यालय की एक रिपोर्ट में किया गया है। जम्मू-कश्मीर के मसले पर जिस तरह से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने संयुक्त राष्ट्र के मंच पर परमाणु युद्ध की धमकी दे डाली उसके बाद दुनिया की नज़र एक बार फिर भारत-पाकिस्तान पर है। रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के मुद्दे के कारण पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी भारत में हमला तेज कर सकते हैं, जिनका निशाना भारत की संसद तक हो सकता है और 2025 में ये मामला पूरी तरह चरम पर जा सकता है। जिसके कारण भारत-पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई करेगा, जिसकी क्षमता पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर तक होगी, यही लड़ाई दोनों देशों में सबसे बड़े युद्ध की वजह बनेगी।
इसके अनुसार भारत और पाकिस्तान के पास अभी करीब 150 परमाणु हथियार हैं, लेकिन 2025 तक इनकी गिनती 200 को पार कर जाएगी। यानी दोनों देशों के पास हथियारों की संख्या 400-500 हो सकती है। रिपोर्ट को लिखने वाले एलन रोबॉक कहते हैं कि जम्मू-कश्मीर को लेकर जिस तरह लड़ाई जारी है और हर महीने बॉर्डर पर लोगों की जान जा रही है, उसकी वजह से ये जंग एक दिन चरम पर पहुंच सकती है।
इस रिपोर्ट में इस दौरान फरवरी में दोनों देशों के बीच हुई आर-पार की लड़ाई का भी जिक्र है, जब भारत के द्वारा पाकिस्तान में की गई एयरस्ट्राइक से तबाही मची थी और पाकिस्तान के लड़ाकू विमान भारत में आ गए थे। इसमें दावा है कि अगर दो पड़ोसी देश जिनके पास सैकड़ों की संख्या में छोटे परमाणु हथियार हो तब वह दुनिया को डराते हैं और बड़े देशों को इनकी तरफ ध्यान इस रिपोर्ट में परमाणु युद्ध के बाद होने वाले रेडिएशन के असर, वनस्पति की खराबी, सूरज से आने वाली धूप, सांस लेने में तकलीफ, खाने-पीने की कमी, महामारी का खतरा सभी का आंकलन किया गया है। रिपोर्ट का कहना है कि अगर दोनों देशों के बीच समझौता नहीं होता है, तो दक्षिण एशिया में तबाही का सबसे काला इतिहास लिखा जाएगा। सिर्फ भारत-पाकिस्तान ही नहीं बल्कि इस पूरी रिसर्च में इजरायल, चीन, फ्रांस, रूस, फिलीस्तीन सहित मध्य एशिया के कुछ देशों की स्थिति को दर्शाया गया है। इन्हें भी एक खतरा बताया गया है लेकिन भारत-पाकिस्तान के मसले को सबसे गंभीर बताया गया है।

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