Wed. Apr 14th, 2021

विशेष संवाददाता

चेन्नै । भारत दौरे पर आ रहे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सुरक्षा के लिए तमिलनाडु के ममल्लापुरम तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस क्रम में ममलापुरम में 43 स्पेशल ऑफिसर्स सहित 10,000 पुलिसकर्मियों को सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात किया गया है, जबकि दूसरी ओर समुद्र से लेकर सड़क तक की सुरक्षा के लिए भारतीय कोस्टगार्ड, नौसेना और केंद्रीय एजेंसियों की मदद भी ली जा रही है। साथ ही सुरक्षा इंतजामों के अलावा ममल्लापुरम में दोनों देशों के मध्य होने वाली शिखर वार्ता के लिए खास तैयारियां की जा रही हैं।
दरअसल, पीएम नरेंद्र मोदी के साथ शी जिनपिंग 11-12 अक्टूबर को भारत में दूसरी अनौपचारिक समिट में हिस्सा लेने के लिए आ रहे हैं। दोनों नेताओं के बीच यह ऐतिहासिक समिट तमिलनाडु के तटीय शहर महाबलीपुरम (ममल्लापुरम) में होगी। इसके लिए राष्ट्रपति शी जिनपिंग दोपहर करीब डेढ़ बजे चेन्नै एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। इस दौरान राष्ट्रपति के एयरपोर्ट से निकलने से 15 मिनट पहले अन्ना सलाई के पास सड़क पर ट्रैफिक बंद कर दिया जाएगा। इसके अलावा एयरपोर्ट से होटेल आईटीसी ग्रैंड के बीच दोपहर सवा एक बजे से किसी को भी वाहन ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। चीनी राष्ट्रपति का वीवीआईपी काफिला 7.7 किमी के सफर को 9 मिनट में पूरा करेगा और उनके होटेल पहुंचने के बाद यातायात फिर शुरू कर दिया जाएगा। राज्य में इस वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए राज्य सरकार ने यहां पर 9 आईएएस अफसरों के साथ 34 वरिष्ठ अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था के इंतजामों के लिए तैनात किया है। मुख्य सचिव के. शनमुगम के द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, इन सभी अधिकारियों को अलग-अलग एजेंसियों के साथ समन्वय करने और इंतजामों को पुख्ता बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा समुद्र से सटे इलाके में भारतीय नौसेना ने टेरिटोरियल वॉटर्स में 200 नॉटिकल माइल्स की दूरी पर सर्विलांस शिप्स को तैनात किया है। साथ ही कोस्ट गार्ड के जहाज तट से 24 नॉटिकल माइल्स की दूरी पर पट्रोलिंग करते हुए समुद्री रास्ते पर हर गतिविधि की निगरानी कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, वीवीआईपी काफिले के रूट पर 10, 000 पुलिस कर्मी सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात किए गए हैं। जबकि, पूरे रूट पर 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाकर मॉनिटरिंग की जा रही है। इस बीच पूरे रास्ते पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया है। बता दें कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए चेन्नै के उत्तर से दक्षिणी क्षेत्रों तक करीब 2500 बैरिकेड लगाए गए हैं। इसके साथ-साथ होटेल में आने वाले सभी अतिथियों को जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। भारतीय एजेंसियों के अलावा चीन के सुरक्षा अधिकारी भी लगातार काफिले के रूट और सभी प्रमुख स्थानों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

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