Fri. Apr 23rd, 2021

प्रतिबंधित हथियार के साथ पकड़े जाने पर पूरी उम्र कटेगी जेल में  

विशेष संवाददाता

नई दिल्ली । प्रतिबंधित हथियारों की खरीद-बेच के अवैध रूप से चल रहे बड़े कारोबार पर सरकार ने चोट करने की तैयारी कर ली है। जल्द ही प्रतिबंधित हथियार के साथ पकड़े जाने वाले को दोष सिद्ध होने पर अपनी पूरी उम्र जेल की सलाखों के पीछे बितानी पड़ेगी। इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने करीब छह दशक पहले लागू किए गए आम्र्स एक्ट-1959 में संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार की योजना प्रतिबंधित या अवैध हथियार के साथ पकड़े जाने पर आम्र्स एक्ट के तहत मिलने वाली सजा को भी दोगुना करने की है। संशोधित आम्र्स एक्ट के ड्राफ्ट में हथियारों की अवैध सप्लाई, हथियारों व उनके उपकरणों की निर्माणकर्ता से उपयोगकर्ता तक की ट्रैकिंग, संगठित अपराध, संगठित अपराध सिंडिकेट और शादी-ब्याह में होने वाली सेलीब्रेेटी फायरिंग आदि को भी अपराध की श्रेणी में शामिल किया गया है और इनके लिए सजा का प्रावधान रखा गया है।
दो से ज्यादा लाइसेंस पर प्रतिबंध
आम्र्स (संशोधन) विधेयक के ड्राफ्ट में दिए गए प्रावधानों के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति अब अधिकतम दो लाइसेंसी बंदूक ही रख पाएगा। यदि किसी के पास तीन लाइसेंसी हथियार हैं, तो उसे कानून के संसद में पारित होने के 90 दिन के अंदर एक हथियार सरकार या शस्त्र विक्रेता के पास जमा कराना होगा, क्योंकि सरकार किसी एक व्यक्ति को कई लाइसेंस जारी करने को प्रतिबंधित करने जा रही है। हालांकि इसमें पिछले दो साल के अंदर नेशनल या इंटरनेशनल निशानेबाजी टूर्नामेंट में हिस्सा ले चुके खिलाडिय़ों को .22 कैलिबर की राइफल तीसरे हथियार के तौर पर रखने की छूट होगी।
देश में वैध हथियार
35 लाख के करीब हथियार लाइसेंस जारी किए गए हैं देश में
13 लाख हथियार लाइसेंस हैं अकेले उत्तर प्रदेश के पास
3.7 लाख लाइसेंसी हथियारों के साथ दूसरे नंबर पर जम्मू-कश्मीर
3.6 लाख सक्रिय बंदूक लाइसेंस हैं पंजाब के निवासियों पर
1980 व 1990 के दशक में आतंकियों से बचाव के नाम पर जारी हुए पंजाब में अधिकतर लाइसेंस

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *