Wed. Apr 14th, 2021

विशेष संवाददाता

नई दिल्ली । रक्षा मंत्रालय ने जिस विमान सौदे में प्री-कांट्रेक्ट के नियमों के उल्लंघन के लिए स्विटरलैंड की विमान कंपनी पिलाट्स को 1 साल तक के लिए प्रतिबंधित किया था। अब उसी सौदे में हासिल विमानों को चलाने के लिए महज 3 महीने के भीतर ही प्रतिबंध में ढील देनी पड़ी। रक्षा मंत्रालय ने पिलाट्स पर लगाए प्रतिबंध को आंशिक रूप से हटाने के संबंध में आदेश सार्वजनिक किया है।
इस आदेश के अनुसार वायुसेना द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे 75 पिलाट्स बेसिक ट्रेनर विमानों के रखरखाव के लिए पिलाट्स कंपनी से समझौता किया जा सकेगा। जबकि इस साल 12 जुलाई को आदेश में एक साल के लिए पिलाट्स के साथ किसी भी प्रकार के कारोबारी समझौते पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। लेकिन वायुसेना मुख्यालय की तरफ से कहा गया कि बिना पिलाट्स की मदद से इन विमानों का रखरखाव संभव नहीं है। इन विमानों की खरीद 2012 में की गई थी और इससे पूर्व 2010 में हुए प्री कांट्रेक्ट के नियमों का कंपनी ने उल्लंघन किया। इस मामले में संजय भंडारी को बाद में सीबीआई ने गिरफ्तार भी किया था। लेकिन तब तक यह विमान सौदा पूरा हो चुका था और इस सौदे के तहत लिए गए 75 विमान भारतीय वायुसेना के द्वारा इस्तेमाल किये जा रहे हैं। 38 और पिलाट्स विमानों की खरीद होनी थी जिसे टाल दिया गया। नए आदेश के तहत इन विमानों के रखरखाव के कार्य के लिए पिलाट्स कंपनी पर प्रतिबंध लागू नहीं होगा।

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