Wed. Apr 14th, 2021

सरकारी दफ्तरों का बदलेगा टाइम   

विशेष संवाददाता 

नई दिल्ली । राजधानी में 4 से 15 नवंबर तक लागू होने वाली ऑड-ईवन स्कीम में इस बार प्राइवेट सीएनजी कारों और बाइकों को मिलने वाली राहत भी खत्म हो सकती है। परिवहन विभाग ने सीएम केजरीवाल को सौंपी अपने सिफारिशों में कहा है कि निजी सीएनजी कारों के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग के मामले देखने को मिलते हैं। इसके चलते प्रदूषण खत्म करने के लिए चलाई जाने वाली इस स्कीम का मकसद ही खत्म हो सकता है। ऐसे में इन कारों को ऑड-ईवन के तहत छूट नहीं दी जा सकती है। यही नहीं पीक आवर्स के अलावा बाइक को भी दायरे में लाने पर विचार चल रहा है। हालांकि परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि पहले की तरह ही इस बार भी महिला कार चालकों को स्कीम से बाहर रखा जाएगा। सुरक्षा कारणों से सरकार ने महिला कार चालकों को यह राहत देने का फैसला लिया है। मंत्री कैलाश गहलोत ने ऑड-ईवन को लेकर डिपार्टमेंट की सिफारिशें सीएम अरविंद केजरीवाल को भेज दी हैं। इनमें एक अहम सिफारिश दिल्ली सरकार के दफ्तरों में कामकाज 11 बजे से शुरू करने की भी है ताकि पीक आवर्स में ट्रैफिक जाम को कम किया जा सके।
निजी सीएनजी कारों को छूट न देने को लेकर सरकार का पक्ष है कि गैर-कमर्शियल कारों को स्कीम के दायरे से बाहर नहीं कर सकते। एक अधिकारी ने बताया, पिछली ऑड-ईवन स्कीमों के दौरान ऐसी रिपोर्ट्स थीं कि निजी सीएनजी कारों को मिली छूट का बेजा इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को सीएनजी या गैर-सीएनजी कारों की पहचान करने में दिक्कत आती थी। इसकी वजह काफी छोटा स्टीकर चिपके होने या फिर न होना था।
सुबह 8 से 11 और शाम 5 से 8 होगी बाइक को छूट
पिछली स्कीमों में दिल्ली सरकार ने सभी टू-वीलर्स को पूरी तरह से छूट दी थी। हालांकि इस बार ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट का सुझाव है कि सिर्फ पीक आवर्स में ही यह छूट दी जाए। एक अधिकारी ने बताया, हमने सरकार को सुझाव दिया है कि टू-वीलर्स को सुबह 8 से 11 बजे और शाम को 5 से 8 बजे तक के लिए ही रिलैक्स दिया जाए। उन्होंने कहा कि शहर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर बहुत दबाव की स्थिति न हो, इसलिए पीक आवर्स में दोपहिया वाहनों को छूट की सिफारिश की गई है। राजधानी में करीब 70 लाख रजिस्टर्ड टू-वीलर हैं।

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