देश में उबाल, सरकार-विपक्ष ने दिखाई एकता

शहादत

सरकार ने सेना को दी निर्णय लेने की स्वतंत्रता

भाजपा, कांग्रेस ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द किये

नई दिल्ली/श्रीनगर। कार्यालय संवाददाता
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में गुरुवार को हुए फिदायीन हमले में 38 जवानों के शहीद होने पर पूरे देश में गुस्सा है। सरकार से लेकर विपक्ष तक ने इस हमले पर दुख जताया है। शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्यॉरिटी (सीसीएस) की बैठक की। इस बैठक में रक्षा मंत्री सहित कई अफसर शामिल हुए। बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। भारत सरकार ने इस हमले के पीछे पड़ोसी देश पाकिस्तान को हाथ बताया है। इस बीच, सरकार ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के उद्देश्य से कुछ सख्त निर्णय लिये हैं। देशभर में होने वाले भाजपा एवं कांग्रेस के राजनीतिक कार्यक्रम रद्द कर दिये गए हैं। मोदी आज मप्र के इटारसी आने वाले थे, लेकिन वह रैली भी रद्द कर दी गई।

केंद्र का पहला बड़ा निर्णय
पहले निर्णय के तहत शुक्रवार को पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) का दर्जा वापस ले लिया गया। विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) बनने के एक साल बाद 1996 में भारत ने पाकिस्तान को यह दर्जा दिया था, जबकि पाकिस्ता ने आज तक भारत को यह दर्जा नहीं दिया। पूर्व में उरी हमले के बाद भी भारत पर पाकिस्तान से एमएफएन का दर्जा छीनने का दबाव बना, लेकिन तब भारत सरकार ने पाकिस्तान के प्रति नरमी बरती थी। लेकिन पुलवामा हमले के कारण 22 वर्ष बाद यह दर्जा वापस ले लिया गया।

दूसरा बड़ा निर्णय 
दूसरे निर्णय के तहत सरकार ने सेना को किसी भी कार्रवाई के लिए पूर्ण स्वंतत्रता दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झांसी के एक कार्यक्रम में कहा कि अब सेना हर निर्णय के लिए स्वतंत्र होगी। उसे किस स्थान पर, कब, क्या कार्रवाई करनी है, यह सेना ही तय करेगी।

सेना सख्त “न भूलेंगे, न माफ करेंगे” : सीआरपीएफ
अपने 38 जवानों की शहादत पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स ने ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी। बल ने ट्वीट किया “न भूलेंगे, न माफ करेंगे”

दो देशों के रिश्ते टूटने के मायने
एमएफएन दर्जा छीनने भारत-पाक दोनों को नुकसान
एमएफएन का दर्जा छीनने के बाद भारत ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश जरूर दिया है, लेकिन व्यापार रुकने से पाकिस्तान को तो नुकसान होगा ही, भारत को भी व्यापार में नुकसान झेलना पड़ेगा। हालाकि सरकार का कहना है कि पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए आर्थिक नफा-नुकसान पर बहुत विचार नहीं किया जा सकता। मुक्त व्यापार समझौते के तहत एमएफएन का दर्जा दिए जाने का प्रावधान है। एमएफएन एक आर्थिक दर्जा है जो एक देश किसी दूसरे देश को देता है या दोनों देश एक-दूसरे को देते हैं। कोई देश जिन किन्हीं देशों को यह दर्जा देता है, उस देश को उन सभी के साथ व्यापार की शर्तें एक जैसी रखनी होती हैं। जिन देशों को एमएफएन का दर्जा दिया जाता है, उन्हें व्यापार में बाकियों के मुकाबले कम शुल्क, ज्यादा व्यापारिक सहूलियतें और उच्चतम आयात कोटा की सुविधा दी जाती है।

शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई
जवानों को राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी गई। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सभी शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद शव जवानों के घर भेजे जा रहे हैं।

आतंकियों ने बड़ी गलती कर दी, उन्हें बड़ी कीमत चुकानी होगी : मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है- आतंकियों ने बहुत बड़ी गलती कर दी, उन्हें बहुत बड़ी कीमत चुकानी होगी। सुरक्षा बलों को पूर्ण स्वतंत्रता दे दी गई है। हमारा पड़ोसी देश हमारे भारत को अस्थिर करना चाहता है, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। मोदी झांसी में रेलवे विद्युतीकरण के एक कार्यक्र में बोले-
जब मैं सरकार में आने से पहले आपके पास आया था तब मैंने कहा था कि जो आप मुझे दे रहे हैं मैं उसे ब्याज सहित लौटाऊंगा। अब सरकार उसके लिए काम कर रही है। मोदी ने कहा- सरकार ने सेना को सारे फैसले लेने की आजादी दे दी है। देश शहीदों के साथ है। दुनिया की बड़ी शक्तियां हमारे साथ हैं। पाकिस्तान को हमने अलग-थलग कर दिया है। पाकिस्तान की हालत खराब कर दी गई है। सरकार गुनहगारों को कड़ी सजा देगी। मोदी ने कहा- मैं देश को भरोसा दिलाता हूं कि हमले के पीछे जो ताकतें हैं, इस हमले के जो भी गुनहगार हैं, उन्हें उनके किए की सजा अवश्य मिलेगी।

हम जवानों के साथ, हम सरकार के साथ : राहुल

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है- पूरा विपक्ष हमारे जवानों के साथ खड़ा है। पूरा विपक्ष देश के साथ खड़ा है। पूरा विपक्ष हमारी सरकार के साथ खड़ा है। जिन्होंने भी यह हमला किया है, वे ये न सोचें कि देश आपस में बटा हुआ है। उन्हें यह जान लेना चाहिए कि हमारा देश सबसे ऊपर है। हम सभी अपने देश के लिए एक हैं।

यह हैं भारत माता के 38 सपूत

सीआरपीएफ ने 38 जवानों की शहादत की पुष्टि की है, जबकि 3 जवान अब भी लापता बताए जा रहे हैं। शहीद जवानों में सबसे ज्यादा 12 उत्तर प्रदेश के हैं।

1. राठौड़ नितिन शिवाजी : चोरपांगरा, बुल्ढाना, महाराष्ट्र
2. भागीरथी सिंह : जैतपुर, ढोलपुर, राजस्थान
3. वीरेंद्र सिंह : मोहम्मद पुर भूरिया गांव, उधमसिंह नगर, उत्तराखंड
4. अवधेश कुमार यादव : बहादुरपुर, चंदौली, उत्तर प्रदेश
5-रतन कुमार ठाकुर : रतनपुर, भागलपुर, बिहार
6. पंकज कुमार त्रिपाठी : बेहल्या, महाराजगंज, यूपी
7. जीत राम : सुंदरवाली, भरपुर, राजस्थान
8. अमित कुमार : रायगढ़, शामली, यूपी
9. विजय कुमार मौर्य : छपिया जयदेव, देवरिया, यूपी
10. कुलविंदर सिंह : रौली, आनंदपुर साहिब, पंजाब
11. मनेश्वर बासुमतारी : कलबारी गांव, बासका, असम
12. मोहन लाल : बानकोट गांव, उत्तरकाशी, उत्तराखंड
13. संजय कुमार सिन्हा: रारगढ़, पटना, बिहार
14. राम वकील : विनायकपुर, मैनपुरी, यूपी
15. नसीर अहमद : डोडासनबाला, रजौरी, जम्मू-कश्मीर
16. जयमाल सिंह: कोटइसेखां, मोगा, पंजाब
17. सुखजिंदर सिंह, गंडीविंड, तरनतारन, पंजाब
18. तिलक राज : ढेवा, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
19. रोहिताश लांबा : शाहपुरा, जयपुर, राजस्थान
20. विजय सोरंग : फारसामा, गुमला, झारखंड
21. वसंत कुमार वीवी : वायानाड, केरल
22. सुब्रमण्यम जी : सबलापोरी, तूतिकोरिन, तमिलनाडु
23. गुरु एच : गुडिग़ेरे, मांड्या, कर्नाटक
24. मनोज कुमार बेहरा : रतनपुर, कटक, ओडिशा
25. नारायण लाल गुर्जर : बिनोल, राजसमंद, राजस्थान
26. महेश कुमार : तुडि़हरबादल का पुरवा, प्रयागराज, यूपी
27. प्रदीप कुमार : बनत, शामली, यूपी
28. हेमराज मीणा : कालन गांव, कोटा, राजस्थान
29. पीके साहू : जगतसिंहपुर, ओडिशा
30. रमेश यादव : तोफापुर, वाराणसी, यूपी
31. संजय राजपूत : लखनी प्लॉट, बुल्ढाना, महाराष्ट्र
32. कौशल कुमार रावत : केहरई, आगरा, उत्तर प्रदेश
33. प्रदीप सिंह : तिर्वा के अजान, कन्नौज, यूपी
34. श्याम बाबू : रायग्वान, कानपुर देहात, यूपी
35. अजीत कुमार आजाद : लोक नगर, उन्नाव, यूपी
36. मनिंदर सिंह अटरी : आर्य नगर, गुरदासपुर, पंजाब
37. बबलू संतरा : बउरिया, हावड़ा, पश्चिम बंगाल
38. अश्विनी कुमार काउची : कुदावल, जबलपुर, मध्यप्रदेश

3 जवान लापता
1. सुदीप बिस्वास : हंसपुकुरिया, नाडिया, पश्चिम बंगाल
2. शिवचंद्रन सी : करगुड़ी, अरियालपुर, तमिलनाडु
3. गोपाल सिंह किरूला: बांद्रा, अल्मोड़ा, उत्तराखंड

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