पुलवामा में आतंकियों से मुठभेड़,  हमले के मास्टरमाइंड गाजी सहित 2 जैश कमांडर मुठभेड़ में ढेर

मेजर समेत 5 जवान शहीद

जम्मू कश्मीर (एजेंसी)। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में पिछले गुरुवार को हुए आतंकी हमले को अभी चार दिन ही बीते है और एक बार फिर आतंकियों ने अपनी नापाक साजिश को अंजाम दे दिया है। पुलवामा के पिंगलिना क्षेत्र में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच सोमवार तड़के शुरू हुई मुठभेड़ में पांच जवान शहीद हो गए हैं और एक घायल हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक फिलहाल दोनों तरफ से गोलीबारी जारी है। बताया जा रहा है कि यहां दो से तीन आतंकी छिपे हुए हैं। बीती 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले में जवानों की शहादत पर सेना ने कार्रवाई शुरू की ही थी कि सोमवार तड़के से आतंकियों ने फिर अपने कदम बढ़ाने शुरू कर दिए। सुबह से जारी मुठभेड़ में मेजर समेत चार जवान शहीद हो गए हैं जबकि एक जवान के घायल होने की खबर है। सभी शहीद जवान 55 राष्ट्रीय राइफल्स के थे। वहीं, एक स्थानीय नागरिक की भी मौत हो गई है। इस बीच सिक्यॉरिटी फोर्सेज ने आसपास के इलाके को हर तरफ से घेर लिया है। जानकारी के अनुसार, एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया है। आतंकियों की पहचान होनी बाकी है। बताया जा रहा है कि एनकाउंटर साइट में जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर गाजी रशीद और कमांडर कामरान को सेना ने ढेर कर दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई है। ज्ञात हो कि इससे पहले 14 फरवरी यानी गुरुवार को पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले को लेकर देश में आक्रोश है। इस हमले में सीआरपीएफ के चालीस जवान शहीद हो गए थे। शहादत से देशभर में पैदा हुए आक्रोश को देखते हुए सरकार ने अलगाववादी नेताओं को मिली सुरक्षा वापस ले ली है, जिनमें ऑल पार्टीज हुर्रियत कॉन्फ्रेंस (एपीएचसी) के चेयरमैन मीरवाइज उमर फारूक, शब्बीर शाह, हाशिम कुरैशी, बिलाल लोन, फजल हक कुरैशी और अब्दुल गनी बट शामिल हैं। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि इन 6 नेताओं और दूसरे अलगाववादियों को किसी भी तरह से सुरक्षा कवर नहीं दिया जाएगा। ऑर्डर के मुताबिक रविवार शाम से ही अलगाववादियों को मिली सभी सुरक्षा और गाड़ियों को हटा लिया गया। किसी भी प्रकार से इन छह या किसी दूसरे अलगाववादियों को कोई कवर या सुरक्षा बल उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे। अगर उन्हें सरकार के द्वारा कोई दूसरी सुविधाएं मिल रही हैं तो वे भी तत्काल हटा ली जाएंगी।
ज्ञात हो कि गाजी रशीद ही पुलवामा का मुख्य साजिशकर्ता था जबकि कामरान भी उसके साथ हमले की साजिश में शामिल था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कामरान और गाजी रशीद पुलवामा हमले के बाद भागने में कामयाब रहे थे जबकि एक आतंकी मोहम्मद आदिल डार मारा गया था। एनकाउंटर के दौरान सुरक्षाबलों ने उस इमारत को बम से उड़ा दिया जिसमें आतंकी छिपे थे। बता दें कि पुलवामा के पिंगलिना में खबर मिलने पर सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों को घेर लिया था। इससे पहले देर रात से सोमवार तड़के तक चली मुठभेड़ में 55 राष्ट्रीय राइफल्स के मेजर समेत पांच जवान शहीद हो गए हैं। शहीदों में मेजर डीएस डॉन्डियाल, हेड कॉन्स्टेबल सेवराम, सिपाही गुलजार अहमद, सिपाही अजय कुमार और सिपाही हरि सिंह थे। सभी शहीद जवान 55 राष्ट्रीय राइफल्स के थे।

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