Wed. Apr 14th, 2021

नई दिल्ली। महिला टी-20 विश्व कप में भारत और इंग्लैंड के बीच सेमीफाइनल मुकाबले में टीम मैनजमेंट द्वारा अनुभवी मिताली राज को बाहर बैठाना चर्चा का विषय बन गया है। सेमी में भारतीय टीम पहले बैटिंग करते हुए 19.3 ओवरों में सिर्फ 112 रनों पर ढेर हो गई थी। इस हार के बाद तमाम लोग टीम मैनेजमेंट और कोच रमेश पोवार पर टूट पड़े और कहा कि मिताली राज ने 3 मैचों में 53.50 के औसत से 107 रन बनाए थे। लेकिन इसके बावजूद सेमीफाइनल मुकाबले से मिताली को बाहर किया गया, तो क्रिकेट जगत ने फैसले की तीखी आलोचना की।
इसमें मिताली के लगातार दो अर्धशतक भी शामिल हैं। सेमीफाइनल में जैसी पिच और बल्लेबाजी के हालात थे, उसके हिसाब से मिताली की टीम को बहुत ज्यादा जरूरत थी। बहरहाल, अब टीम मैनेजर ने एक अखबार के हवाले से इस निर्णय के पीछे की कहानी का खुलासा किया है। दरअसल आयरलैंड के खिलाफ फील्डिंग करते हुए मिताली राज चोटिल हो गई थीं। इसके बाद वह चोट के कारण ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नहीं खेलीं और भारत ने इस मुकाबले में कंगारू बालाओं को मात दी थी। सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मिताली को लेकर कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा था, हम इस मैच में विजयी संयोजन के साथ उतरना चाहते थे। लेकिन मैच में पहली गेंद फिंकने से पहले ही मिताली का मुद्दा सोशल मीडिया पर जोर-शोर से चल चुका था और पूर्व क्रिकेटरों सहित हर्षा भोगले ने इस फैसले पर सवाल उठाए थे।
टीम मैनेजर तृप्ति भट्टाचार्य ने खुलासा किया कि सेमीफाइनल मैच से पहले मैं हुई मीटिंग का हिस्सा था। इस मीटिंग में कप्तान, कोच और सेलेक्टर भी शामिल थीं। इस दौरान पिच और हालात के बारे में भी चर्चा हुई। कोच रमेश पोवार ने कहा कि हमें सेमीफाइनल में विनिंग कॉम्बिनेशन के साथ मैदान पर उतरना चाहिए। मैनेजर ने कहा कि हरमनप्रीत और स्मृति मंधाना ने भी कुछ इसतरह के विचार व्यक्ति किए। इसके साथ ही, इन दोनों ने सेलेक्टर सुधा शाह से यह भी कहा कि एक अतिरिक्त गेंदबाज को खिलाने से टीम को फायदा होगा। सभी के विचार सुनने के बाद सेलेक्टर सुधा शाह ने कोई प्रतिक्रिया व्यक्त न करते हुए सेमीफाइनल की इलेवन को मंजूरी दे दी। आखिर में कोच रमेश पोवार ने भी चयनकर्ता की तरह हरमनप्रीत के इस फैसले का विरोध नहीं किया। बहरहाल, टीम मैनेजर ने मामले पर जरूर सफाई दी है, लेकिन कुल मिलाकर क्रिकेट के जानकार लोग अभी भी इस फैसले से खफा हैं। यह साफ कह रहे हैं कि मिताली को बाहर बैठाने के कारण ही टीम को हार हुई। अब देखने वाली बात यह होगी कि बीसीसीआई इस मामले पर क्या रुख अपनाता है।

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