Thu. Apr 22nd, 2021

विशेष प्रतिनिधि

नई दिल्ली । मोदी सरकार ने पेट्रोल पंप खोलने के नियम आसान कर दिए हैं। इस क्रम में कैबिनेट ने बुधवार को गैर तेल कंपनियों को पेट्रोल पंप खोलने जाने को मंजूरी दे दी, मोदी सरकार के इस फैसले के बाद क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा में इजाफा होगा। सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि ईंधन खुदरा क्षेत्र को खोले जाने से निवेश और प्रतिस्पर्धा में बढ़ोतरी होगी। वर्तमान में भारत में ईंधन की खुदरा बिक्री का लाइसेंस लेने के लिए या तो हाइड्रोकार्बन के उत्खनन और उत्पादन, रिफाइनिंग, पाइपलाइन या तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) टर्मिनलों में 2,000 करोड़ का निवेश करना होता है।
उन्होंने कहा,आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने ईंधन के विपणन के लिए अधिकार देने से जुड़े दिशानिर्देशों की समीक्षा को भी मंजूरी दे दी है। नए नियमों के तहत 250 करोड़ टर्नओवर वाली कंपनियां ईंधन की खुदरा बिक्री के कारोबार में उतर सकती हैं, लेकिन उन्हें ग्रामीण इलाकों में 5 फीसदी आउटलेट खोलने की शर्त पूरी करनी होगी।
देश में वर्तमान में स्थित लगभग 65,000 पेट्रोल पंपों में से ज्यादातर सरकार के स्वामित्व वाली इंडियन ऑयल (आईओसी), भारतीय पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज, नयारा एनर्जी (पूर्व नाम एस्सार ऑयल) और रॉयल डच शेल इस बाजार में मौजूद निजी कंपनियां हैं। दुनिया का सबसे बड़ा तेल रिफाइनिंग कॉम्पलेक्स चलाने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज के देश में लगभग 1,400 आउटलेट्स हैं।

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