Tue. Apr 13th, 2021

विशेष प्रतिनिधि

नई दिल्ली । पाकिस्तान स्थित सिखों के पवित्र तीर्थ करतारपुर गुरुद्वारा के लिए निर्मित कॉरिडोर शुरू करने हेतु भारत और पाकिस्तान ने गुरुवार को आज समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए है। दोनों देशों के अधिकारी जीरो प्वाइंट पर पहुंचे और समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस कॉरिडोर का उद्घाटन 9 नवंबर को पाकिस्तान में प्रधानमंत्री इमरान खान और भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। दोनों देशों के बीच समझौते पर बुधवार को हस्ताक्षर होने थे मगर तिथि को लेकर सहमती नहीं हो पाई। श्रद्धालुओँ का पहला जत्था 5 और दूसरा जत्था 6 नवंबर को सिख धर्म के संस्थापक श्री गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती के लिए रवाना होगा। भारत के विरोध के बावजूद पाकिस्तान सिख श्रद्धालुओं से 20 डालर लेने पर अड़ा हुआ है। करतारपुर साहिब सिखों के प्रथम गुरु गुरु नानक देव जी का निवास स्थान रहा था, जिन्होंने अपनी जिंदगी के आखिरे 17 साल 5 महीने 9 दिन यहीं गुजारे थे। उनका सारा परिवार यहीं आकर बस गया था। इस लिहाज से यह पवित्र स्थल सिखों के मन से जुड़ा धार्मिक स्थान है।
यह गलियारा भारत के पंजाब में डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे को करतापुर के दरबार साहिब से जोड़ेगा जो अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज 4 किलोमीटर दूर है। करतारपुर का गुरुद्वारा पाकिस्तान में पंजाब प्रांत के नरोवाल जिले में स्थित है। इस समझौते के साथ ही गलियारे को चालू करने में आ रही मुख्य बाधा को दूर कर लिया गया है। अब पाकिस्तान के नरोवाल जिले के गुरुद्वारा दरबार साहिब तक इस गलियारे के जरिए पहुंचा जा सकेगा। समझौते के तहत, श्रद्धालु सुबह में यहां आएंगे और गुरुद्वारा दरबार साहिब में दर्शन कर शाम तक लौटेंगे। हर दिन कम से कम 5,000 श्रद्धालुओं को बिना वीजा के इस पवित्र स्थल तक आने की अनुमति दी जाएगी। प्रत्येक श्रद्धालु को 20 डॉलर शुल्क का भुगतान करना होगा। भारत ने पाकिस्तान से भारतीय श्रद्धालुओं से शुल्क नहीं वसूलने का आग्रह किया था। तीन चरण की बातचीत के बाद इस समझौते को अंतिम रूप दिया जा सका। करतारपुर गलियारे का भारतीय क्षेत्र में आने वाले हिस्सा का शिलान्यास उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने पिछले साल नवंबर में पंजाब के गुरदासपुर जिले में किया था।

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