भारतीय ज्वेलर्स दिवालिया होने की कगार में

नीरव मोदी घोटाले का ठीकरा ज्वैलर्स के सिरों पर फूटा

जयपुर। नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के कर्मों की सजा, हजारों उन ज्वेलर्स को भुगतनी पड़ रही है। जो इमानदारी से अपना काम कर रहे थे। नीरव मोदी और मेहुल चौकसी द्वारा की गई धोखाधड़ी के बाद, बैंकों ने ज्वेलर्स को कर्ज देना पूरी तरह से बंद कर दिया है। जिसके कारण चार लाख करोड़ रुपए का कारोबार करने वाला यह सेक्टर मुसीबत में फंस गया है।
जिन ज्वेलर्स की कई दशकों से बैंकों में कैश क्रेडिट लिमिट और एल सी थी। बैंक अब उन्हें ही रिन्यू नहीं कर रहे हैं। जिसके कारण ज्वैलरी का कारोबार आर्थिक संकट में फंस कर दिवालिया होने की कगार पर पहुंच गया है। दीपावली का इतना बड़ा त्यौहार निकल गया। किंतु कार्यशील पूंजी नहीं मिल पाने के कारण ज्वेलर्स माल ही नहीं मंगा पाए, और ना ही उनकी बिक्री हो पाई। बैंकों ने आगे कर्ज देना बंद कर दिया है। वहीं जिन ज्वेलर्स के ऊपर कर्ज था, या उनकी कैश क्रेडिट लिमिट थी। उसको भी समाप्त करने का नोटिस दे दिया है।
गुजरात, राजस्थान, दिल्ली और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्वेलरी का निर्यात करने वाले हजारों कारोबारी इन दिनों कर्ज की किश्त भी नहीं चुका पा रहे हैं। जिसके कारण उनके दिवालिया होने की स्थिति बन गई है। नेशनल और इंटरनेशनल मार्केट में यदि यही स्थिति 1-2 माह और रही तो सैकड़ों ज्वेलर्स दिवालिया हो जाएंगे।

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