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विशेष संवाददाता

श्रीनगर । जम्मू-कश्मीर में समय से पहले शुरू हुई बर्फबारी ने कहर ढ़ाना शुरु कर दिया है। बीते तीन दिनों से हो रही भारी बर्फबारी के चलते अब तक कुल 6 लोगों की जान चली गई है। जिनमें दो सेना के जवान भी शामिल हैं। घाटी में चारों तरफ बर्फ की सफेद चादर बिछी हुई है। कहीं एक फिट तो कहीं चार फीट तक बर्फ जमी है। बर्फबारी के चलते कश्मीर पहुंचे सैलानी तो खुश हैं लेकिन कश्मीरियों की परेशानी बढ़ गई है। एक तरफ कश्मीर को देश से जोड़ने वाले सभी राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात के लिए बंद कर दिए गए हैं। वहीं दूसरी तरफ कई इलाकों में तीन दिन से बिजली गुल है।
मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार को नॉर्थ कश्मीर के लंगेट एरिया में सेना की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जिसमें एक रायफलमैन और एक जवानों की मौत हो गई। सेना के मुताबिक, एक्सिडेंट लो विजिबिलिटी के चलते हुआ। गुरुवार को भारी बर्फबारी के चलते कुपवाड़ा में एलओसी एरिया में हिमस्खल की चपेट में आने से सेना के दो पोटरों की मौत हो गई। दोनों पोटर स्थानीय बताए जा रहे हैं। उधर, राजधानी श्रीनगर के बहक इलाके में बिजली का तार ठीक कर रहे बिजली विभाग के एक कर्मचारी मंजूर अहमद की करंट लगने से मौत हो गई। आपको बता दें कि बर्फबारी के चलते घाटी में जगह-जगह बिजली ठप है। उधर, पुलवामा में अपने घर की छत से बर्फ हटा रहा एक शख्स पैर फिसलने से नीचे आ गिरा। इस दुर्घटना में उसकी मौत हो गई। मौसम विभाग के डिप्टी निर्देशक मुख़्तार अहमद ने कहा कि, “एक एडवाइजरी जारी कर हमने प्रशासन को अवगत किया है कि 6 नवंबर से 8 नवंबर तक जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भारी हिमपात और बारिश की संभावना है जिससे यातायात पर भी असर पड़ सकता है। इससे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख समेत मुग़ल राजमार्ग बंद हो सकते हैं और यह प्रभाव 7 नवंबर आधी रात से और बढ़ेगा और 8 नवंबर दोपहर तक रहेगा। मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान के बाद प्रशासन भी हरकत में आ गया है। इसके चलते सभी जिलों में कंट्रोल रूम बनाए हैं ताकि हर आपातकाल स्थिति से निपटा जा सके। बिजली पानी और रास्तों की स्थिति को सुचारू रखने के लिए प्रबंध किए जा रहे हैं। वहीं, राशन और पानी जरूरी सामान को भी स्टॉक किया गया है ताकि आम आदमी को किसी दुविधा का सामना ना करना पड़े।

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