Thu. Feb 25th, 2021

विशेष प्रतिनिधि

नई दिल्ली। यूपी में अयोध्या राम जन्मभूमि मामले पर सुप्रीम कोर्ट आज अपना फैसला आने वाला है और इस फैसले से पहले पूरे देश में सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। समूचे उत्तर प्रदेश में धारा 144 लागू कर दी गई है। मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी निषेधाज्ञा लगा दी गई है। इसके अलावा देश के अन्य संवेदनशील इलाकों में इस ऐतिहासिक निर्णय से पहले सुरक्षा-व्यवस्था बनाए रखने लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। मुंबई समेत देश भर के कई शहर हाईअलर्ट पर हैं। यहां प्रशासन ने सुरक्षा-व्यवस्था बनाने रखने के लिए देर रात से ही निगरानी शुरू कर दी। अयोध्या में भी खासतौर से सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। फैसले से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने लोगों से शांति की अपील की है। कई धर्मगुरुओं ने भी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर किसी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ कंटेंट को रोकने के लिए प्रशासन की कड़ी नजर है। शुक्रवार को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने यूपी से मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी, और डीजीपी ओपी सिंह से सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की थी। बता दें कि शनिवार को सुबह साढ़े 10 बजे चीफ जस्टिस गोगोई के नेतृत्व में 5 सदस्यीय बेंच अयोध्या केस पर फैसला सुनाएगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में अगले 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी गई है। डीएम ने चंद्र भूषण सिंह ने बताया ने जिले में सभी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं आज मध्य रात्रि से शनिवार मध्य रात्रि तक बंद रहेंगी। डीएम ने जानकारी दी, ‘जिले में हर जगह पुलिस बल को तैनात किया जाएगा। आरपीएल (रैपिड ऐक्शन फोर्स) की एक कंपी भी यहां मौजूद है, हमने सरकार से एक और अतिरिक्त कंपनी की मांग की है। हम सभी अलर्ट हैं।
मुंबई समेत देश के कई शहरों में पुलिस कर्मी रात से नाकों पर तैनात थे और वह वाहनों की जांत करते दिखाई दिए। मुंबई पुलिस के जनसंचार अधिकारी (पीआरओ) अशोक प्रणय ने बताया, ‘हम इस स्थिति पर गंभीरता से नजर गढ़ाए हुए हैं। हम स्थिति पर नियंत्रण रखने के लिए मुंबई पुलिस के 40 हजारों जवानों का इस्तेमाल करेंगे। हमारे पास आरसीपी, सुरक्षा-व्यवस्था बल और एसआरपीएफ, आरएएफ के रूप में विशेष बल भी है, जिसे हम अपनी प्लानिंग के आधार पर संवेदनशील इलाकों में तैनात करेंगे।’ उन्होंने बताया कि शहर पर निगरानी रखने के लिए यहां पहले ही 5000 सीसीटीवी कैमरा इंस्टॉल हैं, इनके जरिए भी हम शहर के चप्पे-चप्पे पर अपनी नजरे रखेंगे। इसके अलावा पुलिस ड्रोन की मदद से भी तैनात रहेगी।
यूपी सरकार ने अयोध्या फैसले के मद्देनजर पूरे राज्य में स्कूल-कॉलेज 11 नवंबर तक बंद रखने के आदेश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार रात करीब 9 बजे अपनी वेबसाइट पर यह उल्लेख किया कि चीफ जस्टिस रंज गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय बेंच शनिवार को ‘राम मंदिर-बाबरी मस्जिद’ जमीन विवाद सुबह 10.30 बजे अपना फैसला सुनाएगी। शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में छुट्टी का दिन होता है लेकिन यह ऐतिहासिक फैसला बेंच शनिवार को ही सुनाएगी। उल्लेखनीय है कि इस विवादित क्षेत्र में 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद विध्वंस कर दी गई थी, जिसके बाद देश में कई जगह सांप्रदायिक दंगे भड़क गए थे। ऐसे में इस बार इस मसले पर फैसले से पहले प्रशासन इस बार पहले से ही चौकस हो गया है। मंदिर नगरी अयोध्या में कई स्तर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और इस समय अयोध्या का पूरा इलाका एक किले में तब्दील है, जहां भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं। अयोध्य में पीएसी और अर्धसैनिक बलों की 60 कंपनियां (प्रत्येक कंपनी में 90-125 जवान) तैनात की गई हैं। परिस्थितियों पर काबू रखने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी द्वारा भी इलाके की निगरानी की जा रही है।

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