Mon. Mar 1st, 2021

विशेष प्रतिनिधि

नई दिल्ली। देश के प्रतिष्ठित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में फीस वृद्धि को लेकर छात्रों के विरोध को माकपा ने सही ठहराते हुए कहा है कि सरकार को इस मामले में हस्तक्षेप कर हर आय वर्ग के छात्रों के लिये सुलभ शिक्षा व्यवस्था बहाल करनी चाहिये। माकपा पोलित ब्यूरो ने एक बयान जारी कर फीस बढ़ोतरी के विरोध में आंदोलनरत छात्रों के विरुद्ध सोमवार को हुई कथित पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुये मंगलवार को कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रावास शुल्क में बेतहाशा बढ़ोतरी कर देश के अग्रणी शिक्षण संस्थान को धनाड्य वर्ग से ताल्लुक रखने वाले छात्रों तक सीमित करने कर दिया है।
पार्टी ने कहा कि अब तक जेएनयू की छवि समाज के सभी वर्गों के छात्रों के लिये सुलभ शिक्षा सुविधा मुहैया कराने वाले शिक्षण संस्थान की थी। इसकी वजह से 2017 के शैक्षणिक सत्र में जेएनयू में 40 प्रतिशत ऐसे छात्रों को दाखिला मिल सका था जिनके अभिभावक की मासिक आय 12 हजार रुपये तक थी। पोलित ब्यूरो ने कहा कि फीस बढ़ोतरी के बाद अब कम आय वर्ग वाले छात्रों को जेएनयू में दाखिला नहीं मिल पायेगा। यह देश की युवा प्रतिभा पर कुठाराघात है। पार्टी ने कहा कि जेएनयू के कुलपति ने इस मामले में छात्र संघ के साथ बातचीत करने से मना कर दिया है, जिससे विवाद और ज्यादा गहरा जायेगा।
पोलित ब्यूरो ने मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक से कुलपति को छात्रों से तत्काल बातचीत करने के लिए कहने की मांग की है। पार्टी ने कहा कि निशंक ने इस मामले में सोमवार को छात्रों से बात करने का आश्वासन दिया था। उल्लेखनीय है कि सोमवार को जेएनयू के दीक्षांत समारोह के दौरान छात्रों नेनिशंक का घेराव करते हुये फीस बढ़ोतरी के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू थे।

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