Mon. Mar 1st, 2021

विशेष संवाददाता

मुंबई । महाराष्ट्र में प्रमुख राजनीतिक दलों द्वारा सरकार बना पाने में नाकाम रहने पर आखिरकार राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की सिफारिश पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया. महाराष्ट्र में अगले 6 महीने के लिए राष्ट्रपति शासन लागू हो चुका है. लेकिन इस बीच शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने हार नहीं मानी है. मंगलवार शाम कांग्रेस नेताओं का एक दल सरकार गठन को लेकर एनसीपी प्रमुख शरद पवार से बातचीत करने दिल्ली से मुंबई पहुंचा था. एक दौर की चर्चा के बाद एनसीपी और कांग्रेस ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना रुख स्पष्ट किया और कहा कि पहले हम आपस में बात करेंगे उसके बाद ही शिवसेना से बात होगी. उधर महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद मंगलवार देर शाम अपने विधायकों से मिलने शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे मलाड स्थित रीट्रीट होटल पहुंचे. उनके साथ आदित्य ठाकरे, उनके छोटे बेटे तेजस ठाकरे भी होटल में मौजूद रहे. इस होटल में शिवसेना के 56 विधायकों के अलावा उनको समर्थन दे रहे 8 निर्दलीय विधायक भी मौजूद थे. इस मीटिंग में शिवसेना ने अपने अगले कदम पर चर्चा की. विधायकों को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि विधायकों को राष्ट्रपति शासन की चिंता नहीं करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शासन की वजह से सरकार बनाने में कोई दिक्कत नहीं होगी. उन्होंने कहा कि उनकी कांग्रेस और एनसीपी से बात चल रही है, और उन्हें धैर्य रखना चाहिए. उद्धव ने कहा कि महाराष्ट्र की सरकार पर शिवसेना का दावा कायम है. उद्धव ने कहा कि राष्ट्रपति शासन शिवसेना को राज्य में सरकार बनाने से नहीं रोक सकता है. अब एनसीपी और कांग्रेस का क्या रुख होता है ये फ़िलहाल स्पष्ट नहीं है. वहीं सूत्रों की मानें तो बीजेपी भी अन्य दलों के विधायकों को तोड़कर अपने पक्ष में करने का हर संभव प्रयास करेगी और सरकार बनाने की जी तोड़ कोशिश करेगी. बहरहाल महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर सस्पेंस बरकरार है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *