Mon. Mar 1st, 2021

– पहले दिन दोनों सदनों में अरुण जेटली सभी दिवंगत नेताओं को दी गई श्रद्धांजलि 

विशेष संवाददाता  

नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो गया है। पहले दिन आज दिवंगत सदन के सदस्यों का स्मरण कर श्रद्धांजलि दी गई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू के संबोधन के साथ संसद के शीतकालीन सत्र की बैठक सोमवार सुबह शुरू हो गई। शीतकालीन सत्र 13 दिसंबर तक चलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद की बैठक शुरू होने से पहले मीडिया से बातचीत में विभिन्न मुद्दों पर सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की उम्मीद जताई।
लोकसभा के स्पीकर ओम बिड़ला ने सदन की कार्यवाही से पहले अरुण जेटली, सुषमा स्वराज और राम जेठमलानी को श्रद्धांजलि दी। राज्यसभा में कार्यवाही से पहले स्पीकर वैंकेया नायडू ने जगन्नाथ मिश्रा, अरुण जेटली, सुखदेव सिंह लिब्रा, राम जेठमलानी, गुरुदास गुप्ता को श्रद्धांजलि दी। ज्ञात हो कि पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का 24 अगस्त को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। खराब स्वास्थ्य के ही कारण जेटली ने लोकसभा चुनाव के बाद कैबिनेट में शामिल होने से इनकार कर दिया था। जेटली 2009 से 2014 तक राज्यसभा में नेता विपक्ष रहे और 2014 में लीडर ऑफ द हाउस चुने गए।
इसके बाद लोकसभा के लिए नवनिर्वाचित सांसदों -प्रिंस राज (समस्तीपुर, बिहार), हिमाद्री सिंह (शहडोल, मध्य प्रदेश), श्रीनिवास दादासाहेब पाटील (सतारा, महाराष्ट्र) और डी.एम. कथिर आनंद (वेल्लोर, तमिलनाडु) ने शपथ ली।
– श्रद्धांजलि के बाद रास दोपहर दो बजे तक स्थगित
राज्यसभा में सोमवार को पूर्व वित्त मंत्री तथा सदन के पूर्व नेता अरुण जेटली तथा राम जेठमलानी एवं तीन पूर्व सदस्यों जगन्नाथ मिश्र, सुखदेव सिंह लिबरा एवं गुरदास दासगुप्ता को श्रद्धांजलि दी गई और इन नेताओं के सम्मान में बैठक दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। संसद के शीतकालीन सत्र की आज शुरूआत हुई और उच्च सदन में एक नई बात देखने को मिली। सभापति एम वेंकैया नायडू ने जेटली, जेठमलानी, मिश्र, लिबरा एवं दासगुप्ता के निधन का जिक्र किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने विभिन्न दलों के नेताओं को को भी दिवंगत सदस्यों के बारे में अपनी बात रखने और श्रद्धांजलि देने की अनुमति दी। पूर्व में पूरे सदन की ओर से सभापति ही दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देते थे। इसके पश्चात दिवंगत नेताओं के सम्मान में कुछ पलों का मौन रखा जाता था। वर्तमान सदस्य के निधन पर बैठक दिन भर के लिए स्थगित कर दी जाती थी।
मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में उन्होंने वित्त मंत्री का पद संभाला, कुछ वक्त के लिए वह रक्षा मंत्री भी रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के शीतकालीन सत्र से पहले सभी दलों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा, ‘2019 का यह आखिरी सत्र है और यह बहुत महत्वपूर्ण सत्र भी है क्योंकि राज्यसभा का यह 250वां सत्र है। बहुत ही प्रेरक स्मृतियों के साथ राज्यसभा का 250वां सत्र शुरू हो रहा है। 26 नवंबर को संविधान दिवस है, हमारे संविधान के 70 साल हो रहे हैं। यह संविधान भारत की एकता, अखंडता, विविधता और सौंदर्य को समेटे हुए है। देशवासियों के लिए भी एक जागृति का अवसर बन सकता है।’

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