Mon. Mar 1st, 2021

विशेष प्रतिनिधि

हैदराबाद । हैदराबाद में महिला डॉक्टर से गैंगरेप और मर्डर के आरोपियों के एनकाउंटर की घटना ने लोगों के जेहन में वारंगल एनकाउंटर की यादें ताजा कर दी हैं। साल 2008 में वारंगल में एक लड़की पर ऐसिड अटैक हुआ था। हमले के तीनों आरोपियों को भी पुलिस ने इसी तरह एक एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। संयोग है कि उस वक्त वारंगल के पुलिस कप्तान (एसपी) वीसी सज्जनार ही थे, जो इस वक्त साइबराबाद के पुलिस कमिश्नर हैं। शुक्रवार को चारों आरोपियों के एनकाउंटर के बाद जहां एक ओर कुछ लोग 1996 बैच के आईपीएस ऑफिसर वीसी सज्जनार को हीरो की तरह पेश कर रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग उनकी भूमिका पर सवाल खड़े कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, ‘2008 में वारंगल में बतौर एसपी ऐसिड अटैक के आरोपियों का एनकाउंटर और अब हैदराबाद में बतौर पुलिस कमिश्नर गैंगरेप के आरोपियों का एनकाउंटर।
हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर वी.सी सज्जनार ने इन आरोपियों के ढेर होने की पुष्टि करते हुए कहा कि इन लोगों ने उस वक्त भागने की कोशिश की थी, जब पुलिस इन्हें घटनास्थल पर क्राइम सीन दोहराने के लिए ले गई थी। कमिश्नर ने कहा कि यह घटना सुबह 3 बजे से 6 के बीच की है। एनकाउंटर में गैंगरेप और मर्डर के आरोपी मोहम्मद आरिफ, नवीन, शिवा और चेन्नाकेशवुलु मारे गए हैं। बता दें कि साल 2008 में वारंगल में भी पुलिस ने इसी तरह क्राइम सीन पर ले जाकर ऐसिड अटैक के आरोपियों का एनकाउंटर किया था। आरोपी कुछ समय से एक लड़की को परेशान कर रहे थे। स्कूल से घर आते-जाते उसका पीछा करते और फब्तियां कसते। लड़की के विरोध करने से बौखलाए तीनों आरोपियों ने उस पर ऐसिड से हमला कर दिया। हमले में पीड़िता बुरी तरह झुलस गई थी। उस वक्त अविभाजित आंध्र प्रदेश में इस घटना को लेकर काफी विरोध-प्रदर्शन हुए। हालांकि एक दिन अचानक खबर आई कि पुलिस ने तीनों आरोपियों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया है।

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