Mon. Mar 1st, 2021

विशेष प्रतिनिधि

पटना । नागरिकता संशोधन विधेयक पर राष्ट्रपति की मुहर लगने के बाद यह कानून की शक्ल में आ गया है। उधर बिहार में सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अंदर इस मुद्दे पर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। पार्टी के नेता प्रशांत किशोर लगातार पार्टी के स्टैंड के खिलाफ राय जाहिर कर रहे हैं। प्रशांत ने एक बार फिर इशारों में सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। प्रशांत ने ट्वीट करते हुए गैर-बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से अपना रुख साफ करने को कहा है।
प्रशांत किशोर ने नागरिकता संशोधन बिल और एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) पर अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा, ‘संसद में बहुमत साबित हो चुका है। न्यायपालिका से इतर देश की आत्मा को बचाने की जिम्मेदारी अब 16 गैर-बीजेपी मुख्यमंत्रियों पर है। ये वे राज्य हैं, जिन्हें इन कानूनों को लागू करना है।प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार पर हमला करते हुए आगे लिखा, ‘तीन मुख्यमंत्रियों (पंजाब, केरल और पश्चिम बंगाल) ने नागरिकता संशोधन बिल और एनआरसी का विरोध किया है। अब वक्त आ गया है कि बाकी मुख्यमंत्री इस पर अपना रुख साफ करें।
प्रशांत किशोर ने इससे पहले भी संसद के दोनों सदनों में विधेयक का समर्थन करने पर जेडीयू को आड़े हाथ लिया था। ट्वीट में प्रशांत ने कहा था, ‘हमें बताया गया था कि नागरिकता संशोधन बिल (सीएबी) नागरिकता प्रदान करने के लिए है और यह किसी से नागरिकता छीनेगा नहीं। हालांकि सच यह है कि यह एनआरसी के साथ मिलकर धर्म के आधार पर लोगों के साथ भेदभाव करने और यहां तक कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सरकार के हाथों में एक घातक हथियार देगा। किशोर ने संसद में सीएबी को अपनी पार्टी द्वारा समर्थन दिए जाने पर 2015 विधानसभा चुनाव की याद दिलाई थी। प्रशांत किशोर ने कहा था कि जेडीयू नेतृत्व को उन लोगों के बारे में विचार करना चाहिए, जिन्होंने 2015 के विधानसभा चुनाव में उनमें आस्था और विश्वास को दोहराया था। किशोर ने कहा था कि कैब का समर्थन करते हुए जेडीयू नेतृत्व को एक पल के वास्ते उन सभी के बारे में विचार करना चाहिए, जिन्होंने 2015 में उनमें आस्था और विश्वास को दोहराया था।

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