Mon. Mar 1st, 2021

विशेष संवाददाता

नई दिल्‍ली । नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ भारत में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर चीन का कहना है कि यह भारत का आंतरिक मामला है। इसमें किसी और देश को दखल देने की कोई जरूरत नहीं। इससे पहले अमेरिका और कई अन्‍य देश भी नागरिकता कानून को भारत का आंतरिक मामला बता चुके हैं। हालांकि, पाकिस्‍तान के सुर इस मामले पर भी बिगड़े हुए नजर आ रहे हैं।
चीनी महावाणिज्य दूत जेड लियोउ ने बुधवार को कहा कि यह भारत का आंतरिक मामला है। कोलकाता में नियुक्त चीन के महावाणिज्य दूत ने कहा कि भारत को ही इस समस्या का हल अपने तरीके से निकालना होगा। हमारे पास इस पर कहने के लिए कुछ नहीं है। यह आपका देश है और आपको अपने मुद्दे खुद ही हल करने होंगे।
लियोउ ने कहा कि भारत और चीन के बीच अच्छे संबंध हैं। आगे भी भारत और चीन के रिश्‍ते ऐसे ही बने रहेंगे। बता दें कि बुधवार को नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में कुछ नरमी देखने को मिली है। असम और पश्चिम बंगाल में शांति कायम है। वहीं, दिल्ली के सीलमपुर और जाफराबाद इलाकों में हालात नियंत्रण में रहे, लेकिन अधिकारियों ने एहतियातन निषेद्याज्ञा लगा दी। यहां मंगलवार को कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान 12 पुलिसकर्मियों समेत 21 लोग घायल हो गए थे।
बता दें कि देशभर में नागरिक कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। दिल्ली में प्रदर्शन के मद्देनजर लाल किले के आसपास धारा 144 लागू कर दी गई है। इसके साथ ही सात मेट्रो स्टेशनों पर सेवाएं रोक दी गई हैं। वहीं महाराष्ट्र में आज कांग्रेस, एनसीपी समेत कई दल नागरिकता कानून और एनआरसी के खिलाफ विरोध मार्च करेंगे। कांग्रेस, राकांपा और अन्य दलों ने एक मोर्चा बनाया है और वह इसको लेकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। वहीं कर्नाटक और बिहार में आज बंद बुलाया गया है। इसके अलावा बिहार में बंद के दौरान दरभंगा और पटला जिले में रेलवे ट्रैक को ब्लॉक कर दिया है।

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