Mon. Mar 1st, 2021

विशेष संवाददाता

आयुष्मान खुराना आने वाले दिनों में फिर एक बार एक अतरंगी किरदार में नजर आने वाले हैं। वीर्यदाता, यौनांग शिथिलता, समलैंगिक प्रेमी, समाजवादी अधिकारी, गंजेपन से जूझते युवा के बाद वह अब एक ऐसा किरदार करने जा रहे हैं, जिसे करने की कोशिश हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दिनों में तो बहुत सफल रहीं, लेकिन नए जमाने में इसे करने के फेर में सलमान खान को छोड़ तमाम धुरंधर पानी मांग चुके हैं।
हिंदी सिनेमा में जासूसी फिल्मों की लंबी परंपरा रही है। देव आनंद ने फिल्म सीआईडी, ज्वैलथीफ और जॉनी मेरा नाम में, जितेंद्र ने फिल्म फर्ज में, धर्मेंद्र ने फिल्म आंखें जैसी जासूसी फिल्मों में बेहतरीन किरदार निभाए और ये सारी फिल्में सुपरहिट रहीं। लेकिन, जैसे जैसे हिंदी सिनेमा के दर्शकों की पहुंच में विदेश में बनी जासूसी फिल्में आने लगीं, देसी स्पाई थ्रिलर्स की रौनक घटने लगी। शाहरुख खान की जासूसी फिल्म बादशाह और सैफ अली खान की फिल्म एजेंट विनोद के नाम हिंदी में बनी सुपरफ्लॉप जासूसी फिल्मों में लिए जाते हैं।
हालांकि, अक्षय कुमार ने बेबी और हॉलीडे में, आलिया भट्ट ने राजी में और जॉन अब्राहम ने मद्रास कैफे में इस तरह की फिल्मों में जान फूंकने की कोशिश की लेकिन सनी देओल की फिल्म हीरो और तापसी पन्नू की फिल्म नाम शबाना जैसी फिल्मों की विफलता ने फिल्म निर्माताओँ को इस तरह की फिल्में बनाने का हौसला कम ही दिया है। निर्देशक नीरज पांडे की फिल्म अय्यारी हिंदी सिनेमा की आखिरी जासूसी फिल्म रही है। जहां तक हिट जासूसी फिल्म की बात है तो सलमान खान की टाइगर फ्रेंचाइजी हिंदी सिनेमा की आखिरी हिट जासूसी सीरीज रही है।
हिंदी फिल्मों में हर बार नए विषय की फिल्में चुनते रहे आयुष्मान खुराना का मन अब जासूसी श्रेणी की फिल्मों पर अटका है। कहानी के बारे में उनकी निर्देशक अनुभव सिन्हा से बातचीत अंतिम दौर में पहुंच चुकी है और संभावना जताई जा रही है कि इस फिल्म की आधिकारिक घोषणा कभी भी हो सकती है। दोनों ने पिछली बार फिल्म आर्टिकल 15 में एक साथ काम किया था। फिल्म को समीक्षकों की मिश्रित प्रतिक्रिया मिली थी और फिल्म का प्रचार प्रसार कमजोर रहने के चलते ये फिल्म सौ करोड़ का करिश्माई आंकड़ा छूने से चूक गई थी।

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