Wed. Apr 14th, 2021

नई दिल्ली । संवाददाता

विपक्षी एकता को मजबूत करने के मकसद से टीडीपी नेता चंद्रबाबू नायडू द्वारा सोमवार को गैर-भाजपा दलों की महाबैठक से बसपा नेत्री मायावती और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक दूर रह सकते हैं।
इस बैठक में विपक्षी दल 2019 के चुनावों में एकजुट होकर बीजेपी को परास्त करने को लेकर अपनी रणनीति को लेकर चर्चा करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में 2019 के आम चुनावों को लेकर बीजेपी से एकजुट होकर मुकाबला करने को लेकर रणनीति बनेगी। इस महाबैठक में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और यूपीए की मुखिया सोनिया गांधी के हिस्सा लेने की संभावना है। संसद भवन के एनेक्सी में होने वाली इस मीटिंग में एसपी चीफ अखिलेश यादव, नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुखिया फारुक अब्दुल्ला समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहेंगे। बैठक में गैर-बीजेपी शासित राज्यों, केरल, पंजाब और पुदुचेरी, के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे।
मीटिंग में एनसीपी चीफ शरद पवार, तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता बनर्जी, सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी, सीपीआई के महासचिव एस. सुधाकर रेड्डी के मीटिंग में हिस्सा लेने की संभावना है। डीएमके नेता एमके स्टालिन, आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल, राष्ट्रीय जनता दल के लीडर तेजस्वी यादव और एलजेडी के लीडर शरद यादव भी मौजूद रहेंगे। इस मौके पर एसपी संरक्षक मुलायम सिंह यादव के भी पहुंचने की संभावना है। इस बीच ममता बनर्जी और एनसीपी चीफ शरद पवार दिल्ली पहुंच चुके हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बसपा प्रमुख मायावती और बीजद नेता नवीन पटनायक इस बैठक से दूर रह सकते हैं। हालांकि मायावती के प्रतिनिधि के तौर पर बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्र मौजूद रह सकते हैं।
इस बीच बीजेपी कैलाश विजयवर्गीय ने विपक्ष के जुटान पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें मोदी से मुकाबले से पहले प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित करना चाहिए।
सुबोध\०९\१२\२०१८

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