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नई दिल्ली । विशेष संवाददाता

पांच राज्यों के चुनाव कांग्रेस लिए घर वापसी सिद्ध हुए हैं. लम्बे समय से सत्ता में वापसी की बाट जोह रही कांग्रेस को छत्तीसगढ़ और राजस्थान में निर्णायक बढ़त मिली वहीं मध्यप्रदेश में वह रुझानों में बहुमत के आंकड़े से मात्र 3 सीटें दूर है।
लोकसभा चुनाव के महासमर से पहले सत्ता का सेमीफाइनल कहे जा रहे 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी चिर प्रतिद्वंद्वी भाजपा को छत्तीसगढ़ और राजस्थान में करारी शिकस्त दी है। वहीं, मध्यप्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्‍कर है, जिसमें कांग्रेस आगे है ।हालांकि कांग्रेस को मिजोरम में तगड़ा झटका लगा है। राज्य में मिजो नैशनल फ्रंट को प्रचंड बहुमत मिला है। तेलंगाना में पहले चुनाव करने का फैसला टीआरएस के लिए लाभदायी सिद्ध हुआ और पार्टी को भारी बहुमत मिला।
ताज़ा रुझानों के अनुसार मध्यप्रदेश में कांग्रेस 69 सीट जीत चुकी है और 44 सीट पर आगे है। जबकि भाजपा 66 सीट जीत चुकी है और 44 सीट पर आगे है। बाकी अन्य 3 सीट जीत चुके हैं और 4 सीट पर आगे हैं।
राजस्थान में कांग्रेस 98 सीट जीत चुकी है और 1सीट पर आगे है। जबकि भाजपा 66 सीट जीत चुकी है और 44 सीट पर आगे है। बाकी अन्य 26 सीट जीत चुके हैं और 1 सीट पर आगे हैं।
तेलंगाना में तेलंगाना राष्ट्र समिति 87 सीट जीत चुकी है और 1सीट पर आगे है। जबकि कांग्रेस 19 सीट जीत चुकी है। बाकी अन्य 12 सीट जीत चुके हैं।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस 39 सीट जीत चुकी है और 28 सीट पर आगे है। जबकि भाजपा 8 सीट जीत चुकी है और 8 सीट पर आगे है। बाकी अन्य 2 सीट जीत चुके हैं और 3 सीट पर आगे हैं।
मिजोरम में मिज़ो नेशनल फ्रंट 26 सीट जीत चुकी है। जबकि कांग्रेस 8 सीट जीत चुकी है । बाकी अन्य 6 सीट जीत चुके हैं ।
इन चुनावी नतीजों से सभी दलों के लिए कई संकेत निकलकर सामने आए हैं। ये संकेत अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले देश में कई नए समीकरणों और गठबंधनों को जन्म दे सकता है। पांच में से खासकर तीन प्रदेशों राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों के परिणाम कांग्रेस पार्टी के लिए संजीवनी की तरह नजर आ रहे हैं। फाइनल नतीजों में अगर कांग्रेस ने इन तीनों राज्यों में बीजेपी से सत्ता छीनने में कामयाब रही तो वह 2019 के आम चुनावों के लिए पूरे आत्‍मविश्वास के साथ मायावती, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, शरद पवार, चंद्रबाबू नायडू जैसे क्षेत्रीय क्षत्रपों के साथ गठबंधन की टेबल पर बात कर सकेगी।
उधर, ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ का नारा देने वाली बीजेपी को लोकसभा चुनाव से पहले तगड़ा झटका लगता दिख रहा है। उसे अब नई रणनीति पर काम करना होगा। बीजेपी के मास्‍टर स्‍ट्रोक समझे जाने वाले पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मध्य प्रदेश, छत्‍तीसगढ़ और राजस्थान में जोरदार चुनाव प्रचार किया था लेकिन फिर भी शर्मनाक पराजय का सामना करना पड़ा।

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