Mon. Apr 12th, 2021

विशेष संवाददाता

बगदाद।अमेरिका ने बगदाद हवाई अड्डे पर एयर स्ट्राइक किया। यह दावा इराकी मिलिशिया ने किया। इराकी मिलिशिया ने कहा कि इस एयर स्ट्राइक में इलाइट कुड्स फोर्स के हेड ईरानी मेजर जनरल कासिम सुलेमानी, इराकी मिलिशिया कमांडर अबू महदी अल-मुहांडिस समेत आठ लोगों की मौत हो गई है। ईरान समर्थित मिलिशिया के प्रवक्ता अहमद अल-असदी ने कहा, ‘मुजाहिदीन अबू महदी अल-मुहांडिस और कासेम सोलेमानी को मारने के लिए अमेरिकी और इजरायली दुश्मन जिम्मेदार हैं।
माना जा रहा है कि अमेरिकी एयर स्ट्राइक से मध्य पूर्व में एक नया मोड़ आ गया है, और ईरान और सैन्य बलों द्वारा इजरायल और अमेरिकी हितों के खिलाफ मध्य पूर्व में गंभीर जवाबी कार्रवाई करने की उम्मीद है।बगदाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एयरस्ट्राइक के लिए पीएमएफ ने अमेरिका पर निशाना साधा है। हालांकि अमेरिका और ईरान की तरफ से फौरन इस पर कोई बयान नहीं आया है। एक वरिष्ठ इराकी राजनेता और एक उच्च-स्तरीय सुरक्षा अधिकारी ने एसोसिएटेड प्रेस से पुष्टि की कि इलाइट कुड्स फोर्स के हेड ईरानी मेजर जनरल कासिम सुलेमानी, इराकी मिलिशिया कमांडर अबू महदी अल-मुहांडिस समेत आठ लोगों की मौत हो गई है।
ईरान के प्रति निष्ठावान दो मिलिशिया नेताओं ने भी मौत की पुष्टि की, जिसमें कटैब हिजबुल्ला के साथ एक अधिकारी भी शामिल था, जो इस सप्ताह अमेरिकी दूतावास पर हमले में शामिल था। वरिष्ठ राजनेता ने कहा कि सुलेमानी के शव की पहचान उनकी अंगूठी से हुई है।बता दें कि सुलेमानी को मरने को लेकर कई बार अफवाहें फैली हैं। इसमें 2006 के हवाई जहाज दुर्घटना में उत्तर-पश्चिमी ईरान में अन्य सैन्यअधिकारियों की मौत और 2012 में दमिश्क में बमबारी के बाद सीरियाई राष्ट्रपति बशर असद के शीर्ष सहयोगियों की हत्या शामिल थी।
बता दें कि कुछ दिन पहले ही लोगों की भीड़ ने इराक स्थित अमेरिकी दूतावास पर हमला कर दिया था। इसके लिए अमेरिका ने इराक पर निशाना साधा था। इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी दूतावास ने 1 जनवरी को अपने सभी सार्वजनिक कांसुलर संचालन (ऑपरेशन्स) को अगले आदेश तक निलंबित करने की घोषणा की थी। यह निर्णय दूतावास पर ईरान समर्थक प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए हमले के बाद लिया गया। दूतावास द्वारा जारी बुधवार को एक बयान में कहा गया, “अमेरिकी परिसर में हुए आतंकी हमले के चलते सभी सर्वाजनिक कांसुलर ऑपरेशन्स को अगले आदेश तक निलंबित किया जाता है।अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे दूतावास से संपर्क न करें।

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