Fri. Apr 23rd, 2021

विशेष संवाददाता

जम्मू कश्मीर के डीएसपी देवेंद्र सिंह के मामले की जांच गृह मंत्रालय ने NIA को सौंप दी है। दिल्ली से NIA की टीम कश्मीर पहुंच गई है। टीम में 6 सदस्य हैं। उन्हें दिल्ली लाने की तैयारी है। एनआईए देवेंद्र सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी। सूत्रों के मुताबिक, डीएसपी देवेंद्र सिंह से आईबी और मिलिट्री इंटेलिजेंस के अधिकारी पहले ही पूछताछ कर चुके हैं। सूत्रों ने जानकारी दी है कि हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी नावेद बाबू और अल्ताफ बाबू 2 दिनों तक श्रीनगर के बादामी बाग के बगल में मौजूद देवेंद्र सिंह के घर में रुके थे। देवेंद्र सिंह का अफजल गुरु से कनेक्शन भी सामने आया था। बताया जा रहा है कि हिजबुल मुजाहिदीन के दो आतंकियों को पंजाब और दिल्ली भेजने की तैयारी थी। शक है कि डीएसपी ने इसके लिए भारी रकम भी ली थी।
अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक गृह मंत्रालय ने नोटिफिकेशन इस मामले में नहीं जारी किया है। कश्मीर में हो रही भारी बर्फबारी के चलते श्रीनगर पहुंचने में टीम को दिक्कत आ रही है। आरोपी काजीगुंड में हैं जो जम्मू और श्रीनगर के मध्य में पड़ता है। ऐसे में लैंड स्लाइडिंग होने की भी आशंका जताई जा रही है। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम से गिरफ्तार डीएसपी देवेंद्र सिंह को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर को कई बार आगाह किया था, लेकिन कभी किस्मत तो कभी लापरवाही की वजह से डीएसपी देवेंद्र सिंह बार-बार बचता रहा। लेकिन 11 जनवरी को सुबह जब वो श्रीनगर से अपने आई-10 कार में अपने घर से निकला तब टीम उसके पीछे लगी रही। जवाहर टनल से पहले पुलिस ने उसे हिज्बुल के दो टॉप आतंकियों के साथ गिरफ्तार कर लिया।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मंगलवार को सफाई पेश की है कि देवेंद्र सिंह को केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा वीरता पदक से सम्मानित किए जाने वाली खबरें सच नहीं हैं। पुलिस विभाग का कहना है कि देवेंद्र सिंह के नाम के ही एक अन्य अधिकारी को सम्मानित किया है , आरोपी देवेंद्र सिंह को नहीं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि देवेंद्र सिंह को साल 2019 में पुलिस मेडल से सम्मानित किया जा चुका है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक ट्वीट में कहा कि देवेंद्र सिंह को वीरता पुरस्कार या उत्कृष्ट पुरस्कार से गृह मंत्रालय ने नहीं सम्मानित नहीं किया है। साल 2018 में एक समारोह में उसे वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। पुलिस ने कहा है कि देवेंद्र सिंह के दफ्तर को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। देवेंद्र सिंह के सभी आवासों में तलाशी की जा रही है।डीएसपी देवेंद्र सिंह का आतंकवाद के साथ पहला रिश्ता तब सामने आया जब संसद पर हमले के दोषी आतंकी अफजल गुरु ने अपने एक पत्र में अपने वकील को लिखा कि देवेंद्र सिंह ने उसे एक आतंकवादी को दिल्ली लाने को कहा था और यहां पर उसके लिए रहने की व्यवस्था करने को कहा था। ये आतंकी जैश का वही सदस्य था जो संसद पर हमले के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई के दौरान मारा गया था। हालांकि अफजल के पत्र में देवेंद्र सिंह का नाम आने के बावजूद भी उससे पूछताछ नहीं की गई।

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