Fri. Apr 23rd, 2021

विशेष संवाददाता

दिल्ली। जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी पहुंचीं और यहां उन्होंने विवादित बयान दिया है. इस बार आइशी ने कश्मीर के बारे में बोला है. आइशी ने कहा कि ये कश्मीर के हक की लड़ाई है, इससे पीछे नहीं हटा जा सकता है. हमारे संघर्ष के बीच हम कश्मीर को नहीं भूल सकते है. वहां के लोगों के साथ जो हो रहा है वो गलत है. हम हर मंच से उनके हक की बात करेंगे.
बता दें कि पिछले दिनों सीएए को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्र हाथ में ‘फ्री कश्मीर’ का प्लाकार्ड लेकर खड़े थे जिसपर विवाद शुरू हो गया. बाद में जेएनयू छात्रों ने कहा कि वो कश्मीर में फ्री इंटरनेट को लेकर लिखा गया था. अब जब कि आइशी खुद खुलकर कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद के हालातों पर मुखर हो गईं हैं देखना ये होगा कि सरकार के तरफ से क्या कदम उठाया जाता है.जेएनयू में ये सारा विवाद तब शुरू हुआ जब सीएए को लेकर दो गुट आपसे में भीड़ गए. इस हिंसक झड़प में दोनों गुटों के छात्रों को चोटें आईं. इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने छात्रों के खिलाफ केस दर्ज किया जिसमें आइशी घोष भी शामिल है.
आइशी ने मीडिया से बताई थी सच्चाईहालांकि घोष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रविवार को पूरी घटना के बारे में बताया था. घोष ने कहा, ‘ये हमला जो जेएनयू में हुआ है. ये पहली बार नहीं है. जामिया में भी हो चुका है. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हो चुका है. पिछले 4-5 दिनों से कैंपस में हिंसा हो रही थी. आरएसएस (RSS) समर्थक प्रोफेसर इसको चला रहे थे. मेरे सामने जनरल सेक्रेटरी सतीश को लिंच करने जा रहे थे. मेरे सामने 2 दिन पहले प्रोफेसर उपाध्याय खुलेआम धमकी दे रहे थे. हम कल जब साबरमती पर इकठ्ठा हुए तो क्लियर था कि हिंसा नही होनी चाहिए.’

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