Mon. Apr 12th, 2021

जयपुरअपने रिटायरमेंट के बाद राजस्थान यूनिवर्सिटी  के कुलपति  बने प्रोफेसर आरके कोठारी विश्वविद्यालय से अपनी सैलरी न लेकर स्टूडेंट्स की फीस चुकाने में मदद कर रहे हैं. अब तक अपने वेतन के बाइस लाख रुपए से ज्यादा की राशि प्रोफेसर कोठारी साढे़ तीन सौ से ज्यादा स्टूडेंट्स को छात्रवृत्ति  के तौर पर दे चुके हैं. उनकी इस पहल में बेटियों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए खास नियम तय किए गए. जुलाई 2017 में आरयू कुलपति का जिम्मा संभालने के साथ ही प्रोफेसर कोठारी ने अपना पूरा वेतन नहीं लेने की घोषणा की थी. इसके पीछे उनकी मंशा थी कि वे जिस विश्वविद्यालय से पढ़कर यहां करीब तीस सालों तक बतौर प्रोफेसर अध्ययन कराया, वहीं कुलपति बनकर इस समाज को कुछ लौटाया जाए.

31 महीने की सैलरी बांटी, 363 स्टूडेंट्स को मिली स्कॉलरशिप

कोठारी 31 महीनों से अपने पूरे वेतन को जरुरतमंद और होनहार विद्यार्थियों की पढ़ाई में लगा रहे हैं. इसके लिए प्रोफेसर कोठारी ने आरयू में एक आर्थिक सहायता कोष की स्थापना की. जिसके चलते 2 छात्राओं पर एक छात्र को कमेटी के निर्णय के अनुसार छात्रवृत्ति का वितरण करने की योजना शुरू की गई. इसके तहत हर महीने में यूजी और पीजी की कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे मेघावी जरूरतमंद स्टूडेंट्स को 6000 रुपए की छात्रवृति के चैक बांटे जा रहे हैं. अब तक 363 स्टूडेंट्स को करीब 22 लाख रुपए की राशि वितरित की जा चुकी हैं.

कोठारी के इस कदम से बालिका शिक्षा को बढ़ावा

कुलपति के तौर पर अपना पूरा वेतन विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के रूप में देने वाले कुलपति आरके कोठारी का कहना है कि वेतन की राशि छात्रवृत्ति के रूप में देने का फैसला जो उन्होंने लिया, उससे वे संतुष्ट हैं क्योंकि इससे कई विद्यार्थियों के चेहरों पर एक खुशी और मुस्कान दे सके हैं. स्कॉलरशिप पाने वाले स्टूडेंट्स भी कुलपति के इस कदम की सराहना करते नजर आते हैं. खास तौर पर बालिका शिक्षा प्रोत्साहन देती पहल को बढ़ावा देने की बात कहते हैं.

लड़कियों के साथ लड़कों को भी मदद

स्टूडेंट्स का कहना है कि कई छात्राएं प्रतिभावान होने के बाद भी आर्थिक हालातों के चलते पढ़ाई पूरी नहीं कर पा रही थीं. लेकिन इस छात्रवृत्ति की वजह से अब वो अपनी पढ़ाई पूरी कर पाएंगी. कुलपति द्वारा सिर्फ छात्राओं को ही छात्रवृत्ति का वितरण नहीं हो रहा है बल्कि 2 छात्राओं पर एक छात्र को भी छात्रवृत्ति दी जा रही है.सीएम गहलाेत भी कर चुके हैं सराहना आरयू के शिक्षक भी कुलपति की इस पहल को आगे बढ़ाने की तमन्ना रखते हैं. शिक्षकों की मानें तो कुलपति की पहल से बच्चों को पढ़ाई में काफी राहत मिली है. आर्थिक हालात के चलते कई स्टूडेंट्स बीच राह अपनी पढाई छोड़ देते, लेकिन इससे कुछ हद तक विद्यार्थियों की मदद हो सकी हैं. शिक्षकों की माने तो इस पहल को विश्वविद्यालयों के शिक्षक आगे बढ़ा सकते हैं. भले ही वे अपने वेतन के एक दिन के हिस्से से ही क्यों न शुरू करें. कुलपति कोठारी का कार्यकाल जुलाई तक बाकी है. तब तक वे अपना पूरा वेतन जरुरतमंद स्टूडेंट्स  को छात्रवृत्ति के तौर पर देंगे. कोठारी के इस कदम की सराहना मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी कर चुके हैं.

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