Sun. Feb 28th, 2021
संवाददाता

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने लखनऊ  की लाइफ लाइन के जाने वाली गोमती नदी  के लिए बड़ा प्लान तैयार किया है. लखनऊ जिला प्रशासन ने गोमती नदी को गुजरात की साबरमती नदी के तट की तरह खूबसूरत और सांस्कृतिक केंद्र बनाने के लिए प्राधिकरण  बनाने की कवायद शुरू कर दी है. लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने गोमती किनारे डिफेंस एक्सपो जैसे सफल आयोजन के बाद इसकी सुंदरता और आकर्षण बनाए रखने के लिए प्राधिकरण गठित करने की योजना बनाई है, जिस पर मंडलायुक्त मुकेश मेश्राम ने भी अपनी सहमति दे दी है. उधर गोमती रिवर फ्रंट प्राधिकरण को लेकर समाजवादी पार्टी ने सवाल उठाए हैं.समाजवादी पार्टी की नेता और बाल कल्याण आयोग की पूर्व अध्यक्ष जूही सिंह ने कहा कि इससे पहले सपा सरकार में बने गोमती रिवर फ्रंट और आगरा एक्सप्रेस वे पर सरकार ने जांच बिठाई थी. उन्होंने कहा कि काम जितना राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने किया था, वहीं पर रुका हुआ है.

‘हमारा काम जहां रुका हुआ है, उसे आगे बढ़ाएं’ – जूही सिंह कहती हैं कि गोमती साफ हुई नहीं है. नमामि गंगा का कोई बजट आया नहीं है. मेरे ख्याल से इन्हें कुछ करना नहीं है, बस योजनाएं और प्राधिकरण बनाकर अपने लोगों को समायोजित करना है. जूही सिंह कहती हैं कि हम तो कह रहे हैं कि हमारा काम जहां रुका हुआ है, उसे आगे बढ़ाएं. लखनऊ में गोमती को साफ करें. एक लिस्ट ही दिखा दें कि कितने नाले उन्होंने गोमती में गिरने से रोके हैं? जूही सिंह ने कहा कि जो भी योजनाएं हैं, सभी सपा सरकार की हैं. अगर ये शारदा का पानी गोमती में छोड़ रहे हैं तो ये समय बताएं तरीके से बताएं कि गोमती कब तक साफ कर देंगे.

लखनऊ नगर निगम की सीमा विस्तार के साथ बढ़ेगा दायरा – फिलहाल गोमती रिवरफ्रंट प्राधिकरण पहले चरण के अंतर्गत गऊघाट से ला मार्टिनियर कॉलेज के पीछे तक विकसित किया जाएगा. इसके बाद दूसरे चरण में उन कामों को भी शामिल किया जाएगा, जहां तक नगर निगम सीमा का विस्तार होगा. जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश के मुताबिक एक बार प्राधिकारण बन जाने के बाद गोमती रिवरफ्रंट का लगातार विकास होता रहेगा.दरअसल जिला प्रशासन गोमती रिवरफ्रंट के जरिए लखनऊ में पर्यटन की अपार संभावनाएं देख रहा है जिला अधिकारी के मुताबिक इसे पीपीपी मॉडल और सीएसआर फंड की मदद से भी विकसित किया जाएगा. वाटर स्पोर्ट्स और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन किए जाएंगे, जिससे शहर के लोगों का गोमती के साथ जुड़ाव बड़े और साथ ही राजस्व भी बढ़े.

राजनीतिक आयोजन की अनुमति नहीं – मजे की बात यह भी है कि गोमती किनारे किसी भी तरीके के राजनीतिक एजेंडे को अनुमति नहीं मिलेगी. यानी कि किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम धरना-प्रदर्शन, रैली या गोष्ठी इन कार्यक्रमों पर पाबंदी लगी रहेगी. वहीं वाटर स्कूटर, वॉटर स्पोर्ट्स के अलावा फूड कोर्ट फूड स्टॉल और आइसक्रीम के दुकानदारों को इसके जरिए फायदा पहुंचाया जाएगा.गोमती को संवारने के साथ ही ओडीओपी प्रदर्शनी भी लगेगी.

प्रशासन की मंशा है कि गोमती रिवरफ्रंट प्राधिकरण बनाने के बाद एक तरफ जहां गोमती को सजाने संवारने का काम किया जाएगा, वहीं दूसरी ओर ओडीओपी प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी. इसलिए सरकार की प्राथमिकता वाले ओडीओपी की प्रदर्शनी के जरिए जहां कलाकृतियों को एक प्लेटफार्म मिलेगा, वहीं दूसरी ओर इसी बहाने गोमती रिवरफ्रंट पर लोगों की आमद भी बढ़ेगी. हालांकि इसमें कितना वक्त लगेगा अभी यह कह पाना मुश्किल है. लेकिन जिस तरीके से जिला प्रशासन साफ नियत से गोमती के उद्धार का बीड़ा उठा रहा है उम्मीद है आने वाले दिनों में इसका बदला हुआ स्वरूप दिखाई देगा.

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