Thu. Apr 22nd, 2021

संवाददाता

नई दिल्ली. भाजपा  के नवनिर्वाचित विधायक विजेंद्र गुप्ता ने आम आदमी पार्टी  के नेता अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर उनसे उस परिपत्र को वापस लेने का अनुरोध किया. इस पत्र में दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में उनके शपथ ग्रहण समारोह में सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों के लिए उपस्थित होना अनिवार्य किया गया है.

BJP का है ये आरोप-
दिल्ली की पिछली विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे विजेंद्र गुप्ता ने शुक्रवार को जारी किए गये इस परिपत्र को ‘तानाशाही’ करार दिया है. उन्होंने कहा कि इससे उनका यह विश्वास ‘चकनाचूर’ हो गया है कि सत्ता में आने के बाद केजरीवाल का जोर शासन और लोकतांत्रिक संस्थानों को मजबूत बनाने पर होगा. गुप्ता ने कहा, ‘इस आदेश की वजह से, 15000 शिक्षकों और अधिकारियों को शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होना होगा.’

रोहिणी विधानसभा क्षेत्र से फिर निर्वाचित हुए गुप्ता ने कहा कि वह रविवार को रामलीला मैदान में केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे. गुप्ता की आपत्ति पर दिल्ली डायलॉग एवं डेवलपमेंट कमिशन के उपाध्यक्ष जस्मीन शाह ने कहा कि शिक्षक और प्राचार्य पिछले पांच सालों में दिल्ली के बदलाव के ‘शिल्पी’ हैं और वे शपथ ग्रहण समारोह में ‘आमंत्रित किए जाने के हकदार’ हैं.

16 फरवरी को केजरीवाल शपथ लेंगे
उन्होंने ट्वीट किया, ‘भाजपा ने अपने विकास मॉडल में शिक्षकों को केंद्र में रखकर अंतिम बार कब सोचा था? न पहले कभी सोचा था, न आगे कभी सोचेंगे.’ आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों में 62 सीटें जीतकर सत्ता में जबर्दस्त वापसी की है. केजरीवाल और उनके मंत्री रविवार को एक भव्य समारोह में शपथ लेंगे.

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