Fri. Apr 23rd, 2021

संवाददाता

नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन कानून को लेकर दिल्ली में हिंसा का दौर अब भी जारी है. दिल्ली पुलिस के एक जवान सहित सात लोग इसके शिकार हो चुके हैं. इनके परिवारों में कोहराम मचा हुआ है. सरकार के खिलाफ गुस्सा है. हिंसा के शिकार लोगों में से एक हैं बाबूनगर मुस्तफाबाद के रहने वाले हरि सिंह सोलंकी. जिन्होंने अपना जवान बेटा खो दिया है. उनका आरोप है कि इस दुख को सहन करने की सांत्वना देना तो दूर दिल्ली पुलिस और हॉस्पिटल प्रशासन सोमवार रात से उनके बेटे की डेडबॉडी तक नहीं दे रहे.

उधर, प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम के लिए बोर्ड बैठेगा तो सोलंकी ने सवाल किया है कि जब शहीद रतनलाल का पोस्टमार्टम बिना बोर्ड के हुआ है तो फिर उनके बेटे के लिए बोर्ड क्यों? दो बार वो इस मामले के जांच अधिकारी के लिए भजनपुरा थाने जाने की कोशिश कर चुके हैं लेकिन वहां हालात खराब हैं इसलिए प्रशासन ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दे रहा. आरोप ये भी है कि जांच अधिकारी उनका फोन नहीं उठा रहा. उनके घर और जीटीबी अस्पताल पर जानने वालों का तांता लगा हुआ है.

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