Fri. Apr 23rd, 2021

कुछ देर में होगी बहस
नई दिल्ली। संवाददाता
मोदी सरकार ने सोमवार को सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए सरकारी नौकरी और शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। सरकार ने इस आदेश को मंजूरी दिलाने के लिए मंगलवार को लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक पेश किया। इसके लिए राज्यसभा की कार्यवाही भी एक दिन बढ़ाई गई है। केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत ने लोकसभा में बिल पेश किया। सरकार यह विधेयक ऐसे समय में लाई है जब लोकसभा चुनाव में 3-4 महीने का समय ही बची है।
भाजपा के समर्थन का आधार मानी जाने वाली अगड़ी जातियों की लंबे समय से मांग थी कि उनके गरीब तबकों को भी आरक्षण का लाभ दिया जाए। सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए संवैधानिक संशोधन विधेयक 2018 मंगलवार को लोकसभा में पेश कर दिया है। इस विधेयक के जरिए संविधान की धारा 15 व 16 में बदलाव किया जाएगा। जानकारों का मानना है कि बिल के माध्यम से सरकार सामान्य वर्ग के नाराज लोगों को मनाना चाह रही है। पिछले साल एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटने के कारण सामान्य वर्ग में भाजपा को लेकर रोष पनपने की बात सामने आई थी। पिछले महीने तीन राज्यों छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में भाजपा की हार का भी यह एक प्रमुख कारण बताया जा रहा है।

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