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एजेंसी

औरंगाबाद. महाराष्ट्र के परभणी जिले में भाजपा शासित सेलू नगरपालिका में सीएए और एनआरसी के खिलाफ सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया है. इसमें कहा गया है कि नगरपालिका के प्रभाव क्षेत्र में सीएए और एनआरसी लागू नहीं किया जाएगा. नगर निगम के 27 पार्षदों ने सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पास किया.

सर्वसम्मति से पास किया गया प्रस्ताव
परिषद के अध्यक्ष विनोद बोरडे ने सोमवार को बताया कि नगरपालिका में 27 पार्षद हैं. 28 फरवरी को सभी ने सीएए और एनआरसी के खिलाफ एकमत से प्रस्ताव पारित किया. उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस, राकांपा और 7 मुस्लिम पार्षदों के कहने पर प्रस्ताव पारित होने से दो दिन पहले एक बैठक बुलाई थी. जिसकी मांग राकांपा, कांग्रेस के सदस्यों और मुस्लिम समुदाय के सात पार्षदों ने की थी. इसमें तय हुआ कि नगर पालिका के अधिकार क्षेत्र में यह लागू नहीं किया जाएगा.

सीएए को पिछले साल दिसंबर में संसद में पारित किया गया था. यह कानून 31 दिसम्बर, 2014 से पहले पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आकर भारत में बसे गैर-मुस्लिम लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान करता है. इसके खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं. हालांकि, सत्तारूढ़ भाजपा का कहना है कि यह कानून नागरिकता देने वाला है न कि नागरिकता लेने वाला.

शरद पवार ने दिलाया सभी को भरोसा
राकांपा प्रमुख शरद पवार तथा अन्य नेताओं ने भी भरोसा दिलाया है कि महाराष्ट्र में किसी भी व्यक्ति को इससे (सीएए, एनआरसी और एनपीआर) किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी. हम इस मुद्दे पर महाविकास अघाड़ी सरकार में चर्चा कर चुके हैं. उन्होंने इस मामले में और जागरुकता लाने पर जोर दिया.

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पिछले माह प्रधानमंत्री से नई दिल्ली में मुलाकात की थी और इसके बाद कहा था कि सीएए से डरने की जरूरत नहीं है. साथ ही उन्होंने कहा था कि एनपीआर किसी को भी देश से नहीं निकालेगा.

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