Thu. Apr 22nd, 2021

वैज्ञानिकों ने उजागर किया रहस्य
सिडनी (एजेंसी)। अगर आप दोनों के बीच गहरा प्यार है तो फिर उम्र कोई मायने नहीं रखती है। यह कहना है शोध कर्ता वैज्ञानिकों का। एक शोध में रिश्तों में उम्र को लेकर नए समीकरण सामने आए हैं। ज्यादातर लोगों का मानना है कि उम्र केवल एक नंबर से ज्यादा कुछ नहीं है। लेकिन अगर यह वास्तव में यह सच न हो तो, और उम्र के आधार पर ये तय किया जा सकता है कि एक कोई रिलेशन कितने लंबे समय तक चलेगा? आज तक किसी अध्ययन में ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वास्तव में एक सफल रिश्ता कैसे काम करता है, लेकिन लगता है कि वैज्ञानिकों ने इसे निकालने का एक फैक्टर ढूंढ लिया है। अटलांटा में एमोरी यूनिवर्सिटी में किए गए शोध के अनुसार, एक गणितीय रूप से कैलक्यूलेट किया गया परफेक्ट एज डिफरेंस सक्सेसफुल लॉन्ग टर्म रिलेशनशिप की संभावना को बढ़ा सकता है। स्टडी में 3000 शादीशुदा लोगों ने हिस्सा लिया। वैज्ञानिकों ने अध्ययन दौरान एक फनी कनेक्शन पाया कि जितना ज्यादा उम्र में अंतर, उतना ज्यादा ब्रेकअप का रिस्क। शोधकर्ताओं ने और विस्तृत आंकड़े शेयर किए जो कहते हैं कि 5 साल से अधिक उम्र के अंतर वाले कपल्स के ब्रेकअप का रिस्क 18 प्रतिशत है। यदि उम्र का अंतर 10 साल है, तो यह रिस्क नाटकीय रूप से बढ़ जाता है, यानी 30 प्रतिशत तक। और 20 या इससे अधिक उम्र का अंतर है तो इन्हें लेकर भविष्यवाणियां वास्तव में नकारात्मक हैं क्योंकि इसके ब्रेकअप का रिस्क 95 प्रतिशत है। शोधकर्ताओं ने न केवल उम्र के मापदंडों को देखा, बल्कि शादी से पहले बच्चे होने, कोर्टशिप की अवधि, शादी में होने वाला खर्च, शिक्षा और कई अन्य फैक्टर्स पर ध्यान दिया। वैसे, अगर पार्टनर्स की एजुकेशन के बीच बहुत बड़ा अंतर है, तो ब्रेकअप का रिस्ट 43 प्रतिशत है। अब मुख्य बिंदु पर आते हैं, आखिर क्या है शादी करने वालों की उम्र के बीच अंतर कितना होना चाहिए। वैज्ञानिकों ने पाया कि परफेक्ट एज डिफरेंस है एक साल (वास्तव में, एक ही उम्र के लोग और 1 से 3 साल के बीच उम्र का अंतर इसी ग्रुप में आते हैं)। ये ऐसे कपल्स हैं जिनके हमेशा साथ रहने की संभावना ज्यादा है। उनके ब्रेकअप की आशंका 3 प्रतिशत से भी कम है। सवाल उठता है कि आखिर ऐसा क्यों होता है। सबसे अधिक संभावना है कि उनके जीवन के लक्ष्य और मूल्य वास्तव में अलग है। उम्र में अंतर होने पर व्यक्ति के दुनिया को देखने के तरीके अलग होते हैं। उनके शौक और सपनों में समानता कम होती है। लेकिर इसमें अपवाद भी होते हैं। नंबर्स ही सबकुछ नहीं होते। यह केवल एक डाटा है जो कि एक निश्चित प्रवृत्ति दिखाता है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि दुनिया का हर कपल इसी तरह काम करे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *