Sun. Feb 28th, 2021

नई दिल्ली। विशेष संवददाता
राष्ट्रीय राजधानी सहित पूरे देश में शनिवार को देश का 70 वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर राजपथ पर कड़ी सुरक्षा के बीच दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा इस जश्न के साक्षी बने। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और तीनों सेना प्रमुखों ने राजपथ पहुंचने से पहले अमर जवान ज्योति पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। हमेशा की तरह इस साल भी मोदी पारंपरिक कुर्ता- पायजामा के साथ नेहरू जैकेट पहने नजर आए। राजपथ पहुंचकर पीएम मोदी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और मुख्य अतिथि की अगवानी एवं उनका स्वागत किया। इस दौरान ध्वजारोहण के साथ बैंड ने राष्ट्रगान बजाया और 21 तोपों की सलामी भी ।दी। इस मौके पर राजपथ पर होने वाले समारोह में गृहमंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज सहित मोदी सरकार के अधिकतर मंत्रियों और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, एचडी देवेगौड़ा, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हिस्सा लिया।
इस साल का गणतंत्र दिवस महात्मा गांधी की 150वीं जयंती थीम से जुड़ा था और इसी सिलसिले में कई राज्यों की झांकियां राष्ट्रपति पर केंद्रित रहीं। इस बार गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा उपस्थित रहे। अधिकारियों के अनुसार भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में नेल्सन मंडेला के बाद में वह दूसरे में दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति है, जिन्होंने इस समारोह में शिरकत की। इंडियन नेशनल आर्मी (आईएनए) के चार दिग्गजों ने परेड में हिस्सा लिया, जिनकी आयु 90 वर्ष से ज्यादा है। राजपथ पर इस दौरान शक्ति का भी प्रदर्शन किया गया। इसी क्रम में भारतीय सेना ने यहां आर्टिलरी गन सिस्टम उ777 अमेरिकन अल्ट्रा लाइट अमृतसर का भी प्रदर्शन किया।
समारोह का मुख्य केंद्र महिला सुरक्षा बलों द्वारा की गई परेड रहा। नारी शक्ति का प्रदर्शन करते हुए असम राइफल्स की महिला टुकड़ी ने पहली बार परेड में हिस्सा लेते हुए इतिहास रचा। इस महिला सुरक्षा बल की टुकड़ी का नेतृत्व मेजर खुशबू कंवर द्वारा किया गया। इसके अलावा नौसेना, सेना सेवा कोर की टुकड़ी और कौर आफ सिगनल्स की एक इकाई का नेतृत्व भी महिला अधिकारियों ने ही किया। परेड की शुरुआत हेलीकॉप्टर से गुलाब की पत्तियां बरसा कर की गई। समय के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हजारों सुरक्षाकर्मी, विमान रोधी बंदूके और शार्प शूटर तैनात किए गए थे।

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