Wed. Apr 14th, 2021

नई दिल्ली। कार्यालय प्रतिनिधि
पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा कि द्वारा पेश बजट की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि रोजगार को लेकर मोदी सरकार की नीति श्पकौड़ानॉमिक्सश् की है।
उन्होंने कहा कि नेशनल सेंपल सर्वे ऑफिस का डाटा कभी सरकार पारित नहीं करती है, लेकिन यह सरकार ऐसा तर्क दे रही है। यह स्वीकार नहीं किया जा सकता। आंकड़े कहते हैं कि बेरोजगारी का डर 45 सालों में सर्वाधिक है और सरकार के पास जवाब तक नहीं है।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये वोट ऑन एकाउंट नहीं बल्कि एकाउंट फॉर वोट्स था। वित्तमंत्री के लंबे भाषण ने सब्र का इम्तिहान लिया। ये एक पूर्ण बजट था जिसमें चुनावी भाषण भी था जो संविधान के नियमों के खिलाफ है। ऐसा वही सरकार करती है जिसे वापसी का भरोसा नहीं होता। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए मामूली 6000 रुपये सालाना का ऐलान किया गया है जिसका स्वागत है। लेकिन इसके लिए 20,000 करोड़ उधार लिया जाएगा। आगे भी यही सिलसिला रहेगा। गैर किसान गरीब, शहरी गरीब, खेतिहर मजदूरों के लिए सरकार के पास क्या है? सरकार खुद के बनाए फर्जी आंकड़ों को मानती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *