Sat. Feb 27th, 2021

नई दिल्ली। रेल, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रेक्जिट के बाद यूनाइटेड किंगडम और भारत पर आयोजित सीआईआई के सम्मेलन को यूनाइटेड किंगडम के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट फॉर इंटरनेशनल ट्रेड ट्रस लिज के साथ संबोधित किया। मंत्री गोयल ने कहा कि भारत, यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को अगले साल 71वें गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में मेजबानी करने पर खासा उत्साहित है। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक यात्रा दोनों देशों के संबंधो के लिए बहुत मायने में नए बदलाव की गवाह होगी। मंत्री गोयल ने उम्मीद जताई है कि मुक्त व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क के तहत अर्ली हार्वेस्ट प्रस्ताव को यूनाइटेड किंगडम स्वीकार कर लेगा। जिसके लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अर्ली हार्वेस्ट प्रपोजिशन से हमारी राह आसान होगी और मुझे पूरी उम्मीद है कि दोनों देश के लोग बेहतरीन फलों के स्वाद का आनंद ले सकेंगे। हम आपस में व्यापार सहयोग बढ़ाने के लिए वस्तु और सेवा क्षेत्र में संभावनाएं तलाश रहे हैं। हम अर्ली हार्वेस्ट समझौते को मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में एक विकल्प के रूप मे देख रहे हैं।
मंत्री गोयल ने कहा कि दोनों देशों के बीच इसके लिए हाल ही में कई दौर की बातचीत हो चुकी है। और दोनों देश अब जल्द ही किसी फैसले पर पहुंचने के करीब हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश संस्कृति और इतिहास के आधार पर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। इसी धरोहर की वजह से दोनों देश एक-दूसरे के स्वाभाविक साथी हैं। हम इस रिश्ते को और आगे बढ़ा रहे हैं, जिसे वह कहीं ज्यादा मजबूत और लचीला बना सके। गोयल ने कहा कि भारत ऐसी उम्मीद करता है कि वह न केवल एक आत्मविश्वास से भरी अर्थव्यवस्था बने, बल्कि दुनिया को भरोसे के साथ जोड़कर एक भरोसेमंद सहयोगी भी बने।
उन्होंने कहा कि भारत और यूनाइटेड किंगडम के संबंध दोनों के लिए हितकारी हैं और उसी आधार पर उनके संबंधों का विस्तार भी होगा। दोनों देशों के संबंध परखे हुए भी है, आज उसमें राजनीतिक, कारोबारी और सामाजिक स्तर पर नई जान फूंकने की जरूरत है। गोयल ने कहा कि दोनों पक्ष शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, नागरिकों के आने-जाने की प्रक्रिया को आसान करने और बड़ी मात्रा में निवेश के लिए मिलकर काम करने के लिए सहमत हो गए हैं। यह पहल दोनों के लिए बड़ा कदम साबित होगी। गोयल ने कहा कि दोनों देश, अपने संबंधों की सफलता के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि दोनों देश आपसी चर्चा से वहां के नागरिकों के फायदे के लिए एक सुखद रास्ता तैयार करेंगे।

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