Sat. Feb 27th, 2021


चेन्नई। कोई शासकीय कार्य करने वाले ठेकेदार के पास 700 करोड़ रुपए की संपत्ति मिलने की बात शायद ही सोंचेगा। लेकिन तमिलनाडु में एक सरकारी ठेकेदार के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान आयकर विभाग के अधिकारियों ने 700 करोड़ (करीब 950 मिलियन यूएस डॉलर) रुपये की अघोषित आय का पता लगाया है। साथ ही अधिकारियों ने 21 करोड़ रुपये की नकदी भी बरामद की है। इतनी बड़ी अघोषित आय का पता चलने पर आयकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए हैं। आयकर विभाग के अनुसार, ठेकेदार के चेन्नई और इरोड स्थित ठिकानों पर 14 और 15 दिसंबर को सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
हालांकि अधिकारियों ने अभी ठेकेदार के नाम का खुलासा नहीं किया है। इस ऑपरेशन में शामिल अधिकारी विशेष रूप से तमिलनाडु के चेन्नई में समुद्र किनारे की दीवार तोड़कर बस के आवागमन के लिए रास्ता बनाने, मैरिज होम चलाने और रसोई से संबंधित मसाले के कारोबार से जुड़े मामलों की जानकारी प्राप्त करना चाहते थे। अधिकारियों ने पाया कि ठेकेदार का ग्रुप सामान की खरीदारी और अन्य खर्चों में घपला करने में लिप्त है। घपले की यह रकम आपूर्तिकर्ताओं और छोटे ठेकेदारों को दी जाती थी और फिर उसे नकद के रूप में वापस ले लिया जाता था।
आयकर अधिकारियों के अनुसार, ठेकेदार ने 700 करोड़ की अघोषित आय के बारे में बताया कि यह रियल स्टेट और अन्य व्यापार से जुड़ी आय है। ठेकेदार ने सिर्फ 150 करोड़ रुपये की अघोषित आय का होना स्वीकार किया है। यह पहला मौका नहीं है जब सरकारी कार्य करने वाले ठेकेदार के यहां से इतनी बड़ी अघोषित आय का पता चला है। बता दें कि दो साल पहले भी चेन्नई में सड़क निर्माण से जुड़े एक ठेकेदार के यहां छापेमारी के दौरान आयकर विभाग के अधिकारियों ने 100 करोड़ की नकदी और 90 किलो सोना बरामद किया था। आयकर विभाग ने यह छापेमारी ठेकेदार नागराजन सेय्यदुरई की कंपनी एसपीके ग्रुप के 22 दफ्तरों पर की थी। एसपीके ग्रुप प्रदेश सरकार के साथ मिलकर सड़क और राजमार्ग निर्माण का काम करती है।

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