Sat. Feb 27th, 2021

फरीदाबाद। ऑनलाइन कारोबार के दौर में अब ठगी और फर्झीवाड़ों में तेजा आ रही है। अब कोरोनाकाल में अगर आपके पास एडवांस में कोरोना वैक्सीन बुक कराने के लिए कोई कॉल आए तो सावधान हो जाएं और उससे अपनी कोई जानकारी साझा न करें। भारत में कोरोना वैक्सीन को मिलने में भले ही अभी समय हो, लेकिन इसके नाम पर लोगों को ठगने के लिए अपराधी सक्रिय हो गए हैं। साइबर ठग निजी जानकारियां पूछकर बैंक खातों से रुपये उड़ाने के लिए लोगों को कोरोना वैक्सीन के नाम पर झांसा दे रहे हैं। कोरोना काल में साइबर ठगी लगातार बढ़ती जा रही है। ठग अब तक फ्री में कोविड टेस्ट कराने और बीपी, ऑक्सिजन लेवल मापने के बहाने मोबाइल में ऐप डाउनलोड करवाकर ठग रहे थे, अब उन्होंने कोरोना वैक्सीन बुक करने के नाम ठगी शुरू कर दी है। साइबर ठगी के सबसे बड़े अड्डे डार्क वेब पर इन दिनों साइबर अपराधी कोरोना वैक्सीन बेचने का दावा कर रहे हैं। वहां पर वैक्सीन की डील के दौरान क्रिप्टोकरंसी के जरिए लोगों के पैसे हड़प रहे हैं।
फरीदाबाद पुलिस के साइबर थाने में अब तक आधा दर्जन ऐसी शिकायतें आ चुकी हैं। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अच्छी बात यह रही कि ठगों की बातचीत और उनके तौर-तरीकों ने लोगों के मन में शक पैदा कर दिया और उन्होंने अपने खाते की जानकारी या बैंक से मिलने वाले ओटीपी देने से मना कर दिया। इससे वे ऑनलाइन फर्जीवाड़े से बच गए। गौरतलब है कि कोरोना वैक्सीन का फिलहाल परीक्षण जारी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वैक्सीन के लिए इस तरह की कोई बुकिंग नहीं की जा रही है। डार्कवेब पर कोरोना वैक्सीन बेचने वाले साइबर ठगों का दावा है कि चीन ने कोरोना की वैक्सीन बना ली है, लेकिन दूसरे देशों को नहीं बेच रहा है और चीन की वुहान वायरोलॉजी के वैज्ञानिक भी इस वैक्सीन से जुड़ी कोई जानकारी शेयर नहीं कर रहे, लेकिन हम (ठग) कई देशों में यह वैक्सीन बेच चुके हैं।
साइबर विशेषज्ञ रक्षित टंडन ने बताया कि डार्कवेब पर बेची जा रही वैक्सीन की होम डिलिवरी का दावा किया जा रहा है। इसके लिए साइबर ठग केवल क्रिप्टोकरंसी बिटकॉइन से ही पेमेंट लेते हैं। जो कोई भी इनके चंगुल में फंसकर ऑर्डर करता है, वह पैसे गंवा देता है। इसलिए सबसे जरूरी है कि ऐसे किसी झांसे में न आएं। बिटकॉइन को आसानी से ट्रेस नहीं किया जा सकता, इसलिए ठगी होने के बाद ऐसे अपराधियों का पकड़ना भी मुश्किल है। कोरोना की दवा भी डार्कवेब पर बेची जा रही है। दावा है चीन ने कोरोना की दवा बना ली है। ठग ऑर्डर करने वाले से निजी जानकारी जैसे नाम, जेंडर, उम्र, ईमेल एड्रेस, कोविड टेस्ट के रिजल्ट आदि जानकारियां लेकर फ्रॉड कर रहे हैं।
एनआईटी-3 निवासी गोविंद सिंह ने शिकायत दी है कि उनके पास एक फोन आया। कॉल करने वाले ने कोरोना वैक्सीन लगवाने की बात कही और उनके खाते से संबंधित जानकारी ले ली। इस दौरान उन्हें उसके बात करने के लहजे से कुछ शक हुआ, तो फोन काट दिया। उसके बाद भी उनके पास लगातार कॉल आ रही हैं। ओल्ड फरीदाबाद निवासी जितेंद्र शर्मा ने शिकायत दी है कि उनकी मां कोरोना संक्रमित थीं। उनके पास एक अनजान नंबर से फोन आया। उसकी भाषा शैली भी अजीब थी। उसने कोरोना वैक्सीन लगवाने की बात कही और आश्वासन दिया कि डॉक्टर से पहले उनको वैक्सीन लग जाएगी। फिर फोन करने वाला खाते से संबंधित जानकारी मांगने लगा तो वह समझ गए कि यह ठग है। उन्होंने उसका नंबर ब्लॉक कर दिया, लेकिन अभी भी अलग-अलग नंबरों से वह कॉल कर रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *