Tue. Feb 23rd, 2021

नई दिल्ली । सरकार की ओर से नियुक्‍त पैनल ने ऑक्‍सफोर्ड कोविड-19 वैक्‍सीन के लिए आपात मंजूरी की सिफारिश की है। सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि सीरम इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित वैक्सीन को मंजूरी के लिए अब ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को भेजा जाएगा। सूत्रों ने बताया कि सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने बैठक यह फैसला किया।
ज्ञात रहे कि पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने सीरम इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित के उत्पादन के लिए एस्ट्रेजेनेका के साथ करार किया है। सीरम इंस्टीट्यूट दुनिया की सबसे बड़ी टीका निर्माता कंपनी है। ब्रिटेन की मेडिसिन्स एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी (एमएचआरए) ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में वैज्ञानिकों द्वारा विकसित तथा एस्ट्रेजेनेका द्वारा निर्मित टीके को बुधवार को मंजूरी प्रदान की थी। सीडीएससीओ की कोविड-19 पर विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने बुधवार को टीके के आपात उपयोग की मंजूरी देने के एसआईआई के आवेदन पर विचार किया था और इस मामले में शुक्रवार को एक बार फिर समीक्षा की। सीडीएससीओ ने एसआईआई से पहले अतिरिक्त सुरक्षा और प्रतिरक्षा संबंधी जानकारी मांगी थी।
सूत्रों ने बताया कि सीरम इंस्टीट्यूट के आवेदन के बाद समिति ने भारत बायोटेक के कोविड-19 रोधी टीके कोवैक्सीन के आपात उपयोग की मंजूरी देने की उसकी अर्जी पर विचार करना भी शुरू किया है लेकिन इस मामले में अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।आपात उपयोग की मंजूरी (ईयूए) के आवेदन पर एसआईआई में सरकार और नियामक मामलों के अतिरिक्त निदेशक प्रकाश कुमार सिंह के हस्ताक्षर हैं जिसमें कहा गया है, ‘‘सुरक्षा के लिहाज से देखें तो कोविशील्ड ने अपेक्षित प्रतिकूल स्थितियों में अच्छा प्रदर्शन किया। अधिकतर अपेक्षित प्रतिक्रियाएं गंभीरता के लिहाज से बहुत मामूली थीं और उन्हें सुलझा लिया गया तथा कोई अन्य लक्षण नहीं दिखाई दिए।” आवेदन के अनुसार, ‘‘इसलिए कोविशील्ड सुरक्षित है और लक्षित जनसंख्या पर कोविड-19 की रोकथाम के लिए इसका प्रभावी तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है।”एसआईआई ने ऑक्सफोर्ड के टीके के आपात उपयोग की मंजूरी के लिए छह दिसंबर को भारत के औषध महानियंत्रक (डीसीजीआई) को आवेदन किया था, वहीं हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने सात दिसंबर को आपने स्वदेश विकसित कोवैक्सीन टीके की मंजूरी के लिए अर्जी दाखिल की थी। फाइजर कंपनी ने अपने टीके को नियामक मंजूरी देने के लिए चार दिसंबर को आवेदन किया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *