Sat. Feb 27th, 2021

नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमा पर किसान संगठनों का आंदोलन शनिवार को 38वें दिन भी जारी है। कड़ाके की ठंड का उन पर कोई असर नहीं है और वे अपनी मांगों के पूरा होने तक धरना प्रदर्शन करने को कृत संकल्प हैं। किसान संगठनों के नेताओं का कहना है कि कृषि कानूनों की वापसी तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच यूपी गेट पर किसान आंदोलन में शामिल एक बुजुर्ग किसान ने आत्महत्या कर ली। किसान का शव बाथरूम के अंदर मिला। शव के पास से गुरुमुखी में लिखा एक सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है। मृतक किसान कश्मीर सिंह (57) रामपुर के बिलासपुर के रहने वाले थे। उन्होंने अपना अंतिम संस्कार यूपी गेट पर ही कराये जाने की इच्छा जताई है। मृतक का पुत्र और पोता भी यहीं आया हुआ है। इससे पहले कल यहां एक अन्य किसान की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। बीते 24 घंटे में मौत का यह दूसरा मामला है। पंजाब, राजस्थान और कई अन्य राज्यों से किसानों के नए-नए जत्थे दिल्ली की सीमाओं पर पहुंचने लगे हैं। किसान संगठनों के लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली से आ रहे हैं। वे अपने साथ राशन-पानी भी ला रहे हैं। नए जत्थों में युवाओं के अलावा महिलाएं और बच्चे भी हैं। सरकार और किसान संगठनों के बीच 4 जनवरी को अगले दौर की बातचीत होने वाली है। सरकार और किसान संगठनों के बीच दो मामलों पर सहमति बनी है, जिनमें बिजली बिल पर सब्सिडी जारी रखना और पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किया जाना प्रमुख है। संयुक्त किसान मोर्चा ने शनिवार को एक प्रेसवार्ता कर यह ऐलान किया किसान 26 जनवरी को पूरे देश में ट्रैक्टर परेड निकालेंगे। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि मुझे विश्वास है कि किसानों के साथ अगले दौर की बातचीत में एक समाधान निकल जाएगा और विरोध समाप्त हो जाएगा। तीनों कृषि कानून किसानों के पक्ष में हैं। वे बिचौलिए से छुटकारा पाने और अपनी फसल को अपनी पसंद की दर पर बेचने की मांग करते थे।

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