Sat. Feb 27th, 2021

पटना। बिहार के एक गांव में एक शख्स की मौत के बाद ग्रामीण उसका शव लेकर बैंक पहुंच गए। ग्रामीणों ने मांग की कि मृत व्यक्ति महेश यादव के बैंक खाते से पैसा निकाल कर उन्हें दिया जाए ताकि उसका अंतिम संस्कार विधिवत किया जा सके। स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पेशे से किसान महेश के परिवार में कोई नहीं था और उसकी मौत की जानकारी भी पड़ोसियों को कई घंटों के बाद हो पाई, लेकिन कोई भी दाह संस्कार के लिए रकम खर्च करने को राजी नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने पहले तो दाह संस्कार के लिए रकम जुटाने की खातिर महेश के घर को खंगाला, लेकिन कुछ भी नहीं मिला सिर्फ उसके बैंक की पासबुक मिली, जिसमें 1 लाख 17 हजार 298 रुपये जमा थे। पुलिस ने कहा कि ग्रामीण महेश की लाश और उसकी पासबुक लेकर बैंक पहुंच गए। ग्रामीणों ने बैंक मैनेजर द्वारा खाते से पैसा जारी करने तक ग्रामीणों ने वहां से जाने से इनकार कर दिया। गांव वालों का कहना था कि अगर बैंक से धन नहीं मिला तो वे महेश का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। कई घंटों के बाद स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने जब बीच-बचाव किया तो बैंक ने कुछ रकम जारी की।
केनरा बैंक के ब्रांच मैनेजर ने कहा कि वहां असाधारण स्थिति उत्पन्न हो गई थी, क्योंकि यह पहला ऐसा मामला था। आखिरकार उन्होंने 10 हजार रुपये दिए, तब जाकर ग्रामीण अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुए। महेश के पास कोई जमीन नहीं थी और उसे सरकार से कोई मदद नहीं मिलती थी। बीमारी के बावजूद उसकी देखभाल करने वाला कोई नहीं था। कई महीनों से पड़ोसी ही उसे खाना और अन्य सहायता दे रहे थे।

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