Wed. Apr 14th, 2021

विशेष संवाददाता

नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत और चीनी सैनिकों के बीच लद्दाख के पेंगॉन्ग तसो झील के पास श्झड़पश् नहीं बल्कि तनातनी हुई थी जिसे ऐसे मामलों को सुलझाने के लिए स्थापित द्विपक्षीय तंत्र का उपयोग करते हुए सुलझा लिया गया। हाल ही में झील के पास भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच धक्कामुक्की की खबरें आई थीं और इस मामले को दोनों देशों की सेना ने तेजी से सुलझा लिया था। इसे दोनों पक्षों ने शिष्टमंडल स्तर की वार्ता के बाद सुलझा लिया था।
सरकार के 100 दिन पूरे होने पर आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जयशंकर ने कहा, श्यह झड़प नहीं थी। मैं स्पष्ट रूप से समझता हूं कि यह तनातनी थी । इसे सुलझा लिया गया।श् विदेश मंत्री ने कहा, श्समय-समय पर ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं जो वास्तविक नियंत्रण रेखा को लेकर अलग-अलग समझ के कारण होती है। कई बार ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है ।श् उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में स्थापित तंत्र के तहत काफी प्रयास होते हैं।
हाल की घटना में तंत्र का उपयोग किया गया और इसे सुलझा लिया गया। हिन्द महासागर के पास चीनी पोतों की मौजूदगी के बारे में एक सवाल पर उन्होंने कहा कि यह राजनयिक मामला नहीं है और यह नौसेना से जुड़ा विषय है। दक्षिण चीन सागर में चीन के आक्रामक रुख पर उन्होंने कहा कि भारत ऐसे मुद्दों पर वियतनाम के साथ काम करता है और काफी मामलों में वियतनाम निपटाता है।

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