Sat. Feb 27th, 2021

सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर मिर्जापुर वेब सीरीज के निर्माता व अमेजन प्राइम वीडियो को नोटिस जारी किया है। याचिका में वेब सीरीज में दिखाए गए कंटेंट पर सवाल उठाए गए हैं और उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले की गलत छवि दिखाने का आरोप लगाया है। कोर्ट ने इसे लेकर ओटीटी प्लेटफॉर्म और वेब सीरीज निर्माताओं से जवाब मांगा है। याचिका में कहा गया है कि मिर्जापुर का सांस्कृतिक मूल्य काफी समृद्ध है, लेकिन 2018 में एक्सेल एंटरटेनमेंट ने 9 एपिसोड के मिर्जापुर नाम से एक वेब सीरीज लॉन्च की, जिसमें उन्होंने मिर्जापुर को अवैध गतिविधियों वाला शहर दिखाया है, जो जिले की छवि खराब करता है।  मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले में एक संक्षिप्त सुनवाई के बाद केंद्र, एक्सेल एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड और अमेज़न प्राइम वीडियो को नोटिस जारी किया। सुजीत कुमार सिंह ने वकील बिनय कुमार दास के माध्यम से याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि यह मिर्जापुर की लगभग 30 लाख आबादी और समृद्ध संस्कृति का अपमान है। याचिका में कहा गया है कि सरकार को किसी शहर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मूल्यों के खराब चित्रण पर रोक लगाने के लिए कुछ दिशानिर्देश बनाने चाहिए। मिर्जापुर एक ऐसी जगह है जहां गंगा नदी विंध्य रेंज से मिलती है। विश्व प्रसिद्ध विंध्याचल मंदिर, जो भारत में 108 शक्ति पीठों में से एक है, मिर्जापुर जिले में स्थित है। इससे पहले उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में वेब सीरीज के निर्माता और ‘अमेजन प्राइम’ के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है। पुलिस रिपोर्टों के अनुसार, कोतवाली पुलिस स्टेशन में एक अरविंद चतुर्वेदी नाम के शख्स द्वारा मामला दर्ज कराया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि ‘मिर्जापुर’ वेब सीरीज धार्मिक, सामाजिक और क्षेत्रीय भावनाओं को आहत करती है और सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाती है। यह आरोप लगाया जाता है कि इस वेब सीरीज से धार्मिक भावनाओं और विश्वासों को बहुत चोट पहुंची है। ‘मिर्जापुर’ वेब सीरीज पिछले साल रिलीज होने के बाद से विवादों में घिरी हुई है। मिर्जापुर की सांसद और अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने भी इसके खिलाफ जांच की मांग की थी। उन्होंने ट्वीट किया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को टैग करते हुए वेब सीरीज के खिलाफ जांच की मांग की थी।

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