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  • Saturday, 15 August 2026
कलाकारों को केवल मनोरंजन का साधन ना समझे

कलाकारों को केवल मनोरंजन का साधन ना समझे

मुंबई। हाल ही में सूफी अंदाज में गायन के लिए मशहूर गायक कैलाश खेर ने कहा कि कलाकारों को केवल मनोरंजन का साधन या जोकर नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने इस तरह की मांगों को अनुचित बताया और संगीतकारों की तुलना अन्य क्षेत्रों के सम्मानित पेशेवरों से की, जिससे उनकी बात में और वजन आ गया।
कैलाश खेर हाल ही में दिल्ली में आयोजित एक प्रतिष्ठित अवॉर्ड शो के मंच पर अपनी बेबाक राय व्यक्त कर चर्चा में आ गए हैं। जब उनसे समारोह में कुछ पंक्तियाँ गाने की गुजारिश की गई, तो उन्होंने न सिर्फ विनम्रता से इनकार किया, बल्कि आयोजकों और कार्यक्रम में उपस्थित दर्शकों को भी एक महत्वपूर्ण नसीहत दी। अपने शब्दों में जोर देते हुए कैलाश खेर ने कहा, यह वैसा ही है जैसे आप किसी महान क्रिकेटर, जैसे सचिन तेंदुलकर, से कहें कि ज़रा एक छक्का लगाकर दिखा दीजिए? या किसी सैनिक से यह उम्मीद करें कि अपनी पोजीशन लेकर एक गोली चलाकर दिखा दे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की मांगें कलाकारों की गरिमा के खिलाफ हैं।

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